'सबको लगा मैं बाढ़ में बह गई...' 72 घंटे नेपाल में पहाड़ पर फंसी महिला की कहानी

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नेपाल के रसुवा क्षेत्र में याला पीक की 5,500 मीटर की ऊंचाई पर 3 दिनों (72 घंटे) तक फंसी रहने के बाद ओमानी पर्वतारोही को नेपाली अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया है।

Oman woman trekker
अल जदजाली और उनके नेपाली गाइड दीपक ने 3 रातें पहाड़ की चोटी पर भीषण ठंड में बिताईं।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बीच जहां 780 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है और 2,500 से ज्यादा लोग लापता हैं, वहीं 51 साल की ओमान की रहने वाली पर्वतारोही फतहिया अल जदजाली की कहानी एक चमत्कार की तरह सामने आई है।

नेपाल के रसुवा क्षेत्र में याला पीक की 5,500 मीटर की ऊंचाई पर 3 दिनों (72 घंटे) तक फंसी रहने के बाद ओमानी पर्वतारोही को नेपाली अधिकारियों ने सुरक्षित बचा लिया है।

"आंखों के सामने पूरे गांव को बहता देखा"

काठमांडू पहुंचने के बाद अल जदजाली ने 'टाइम्स ऑफ ओमान' से अपनी आपबीती साझा की।

उन्होंने बताया, "मैं 21 अगस्त को याला पीक के ट्रेक पर निकली थी। 26 अगस्त को जब मैं नीचे उतर रही थी, तो मैंने ऊपर से मलबे और पानी के विशाल राक्षसी सैलाब को नीचे आते देखा। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या था।"

पहाड़ी पर सुरक्षित ऊंचाई पर होने के कारण वे बेबस होकर नीचे का मंजर देख रही थीं। उन्होंने याद किया, "मैंने अपने सामने अपने होटल और पूरे गांव को सैलाब में बहते देखा। रास्ते में घर के घर ताश के पत्तों की तरह ढह रहे थे।"

उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा, "नीचे उफनते पानी में बहते लोगों की दर्दनाक चीखें मुझे सुनाई दे रही थीं। मैंने अपनी आंखों के सामने मौत का तांडव देखा।"

3 रातें पहाड़ की चोटी पर और हेलीकॉप्टर रेस्क्यू

बाढ़ के कारण नीचे उतरने के सभी रास्ते, पुल और सड़कें पूरी तरह तबाह हो चुके थे। अल जदजाली और उनके नेपाली गाइड दीपक ने 3 रातें पहाड़ की चोटी पर भीषण ठंड में बिताईं।

नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से 72 घंटे बाद उन्हें और उनके गाइड को काठमांडू एयरलिफ्ट किया गया।

फतहिया ने कहा, *हर किसी को लगा था कि मैं बाढ़ के पानी में बह गई हूं। हमारा जिंदा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है।"

अभी कैसे हैं नेपाल के हालात?

नेपाली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRMA) और सेना के अनुसार, रसुवा और आसपास के इलाकों से 225 से ज्यादा विदेशी नागरिकों को एयरलिफ्ट किया गया है।

रेस्क्यू किए गए लोगों में 167 से ज्यादा भारत, 40 से ज्यादा चीन, दक्षिण कोरिया, जर्मनी, अमेरिका, इटली और ओमान की एकमात्र नागरिक फतहिया अल जदजाली शामिल हैं।

नेपाली सेना की 18,000 से ज्यादा कर्मियों की टीमें और भारतीय फॉरेंसिक और रेस्क्यू एक्सपर्ट्स राहत कार्यों में जुटे हैं।

Shubham Sharma

लेखक के बारे में

Shubham Sharma
शुभम शर्मा साल 2017 से पत्रकारिता और मीडिया जगत में काम कर रहे हैं। टीवी में इनपुट असाइनमेंट से शुरुआत करते हुए डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा। ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक का अनुभव। TV9 भारतवर्ष और मनीकंट्रोल हिंदी (Network 18) जैसे बड़े संस्थानों के बाद अब लाइव हिंदुस्तान में बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर खबरों को आप तक पहुंचाने के काम कर रहे हैं। और पढ़ें

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