नेपाल में विनाशकारी बाढ़ में बहकर आए शवों से चुरा रहे थे ज्वेलरी, वीडियो वायरल होने के बाद ऐक्शन
महिला के शव से ज्वेलरी चुराते युवकों का वीडियो वायरल होने के बाद नेपाल पुलिस ऐक्शन में आ गई है। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है। यह शव नेपाल की विनाशकारी बाढ़ में बहकर आया था।

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ में बहकर आए शवों से ज्वेलरी चुराने का वीडियो वायरल हुआ था। इस पर सख्त ऐक्शन लेते हुए नेपाल पुलिस ने ऐसा करने वालों को हिरासत में लिया है। नेपाल पुलिस हेडक्वॉर्टर की तरफ से एक्स पर पोस्ट करके इस बारे में जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि शवों से ज्वेलरी चुराने वालों पर कार्रवाई की गई है। बता दें कि यह वीडियो काफी वायरल हो रहा था। इसमें नजर आ रहा है कि दो युवक बाढ़ में मृत एक महिला के शव से आभूषण उतार रहे हैं। सोशल मीडिया पर इन लोगों की काफी ज्यादा आलोचना हो रही है। लोग इसे अमानवीय कृत्य बता रहे हैं।
वीडियो में क्या
वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि नेपाल में आई तबाही के बाद एक महिला का शव बहकर आया है। यह शव किनारे पर लगा है। वीडियो में दो युवक शव के पास हैं। इनमें से एक बांस के सहारे शव को ऊपर की तरफ उठा रहा है। वहीं, दूसरा युवक उसके कानों से ज्वेलरी निकाल रहा है। इस दौरान वहां पर कई लोग मौजूद हैं, लेकिन कोई उन्हें रोकने की कोशिश करता नजर नहीं आ रहा है। यहां तक कि वहां मौजूद कोई भी व्यक्ति यह जहमत तक नहीं उठाता कि शव को निकालकर बाहर कर दे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शव के वहां तक पहुंचने की जानकारी किसी ने अधिकारियों तक पहुंचाई भी या नहीं। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद तुरंत ऐक्शन लिया गया है।
चल रहा है तलाशी अभियान
गौरतलब है कि नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 359 हो गई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि बचाव दलों ने प्रभावित जिलों से अन्य शवों को बरामद किया, जिसके बाद मृतकों की संख्या में इजाफा हुआ। तिब्बत से अचानक आयी भीषण बाढ़ ने बुधवार को मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। बाढ़ के तेज बहाव में महत्वपूर्ण पुल बह गए और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं ठप हो गईं। बाढ़ का पानी कई जिलों में फैल गया। नेपाल सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां रसुवा, धादिंग, नुवाकोट और चितवन समेत बाढ़ प्रभावित जिलों में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं।
नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभि नारायण काफले के अनुसार, चितवन जिले से सबसे अधिक 132 शव बरामद किए गए हैं। बाढ़ रसुवा और अन्य जिलों से होते हुए त्रिशूली और नारायणी नदी के रास्ते निचले इलाकों में पहुंची, जिससे जलविद्युत परियोजनाओं, बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के आंकड़ों के अनुसार, अचानक आई बाढ़ में करीब 826 लोग लापता हैं, जिनमें से 590 पर्यटक हैं।
नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बताया कि लापता लोगों में 288 भारतीय शामिल हैं। नेपाल के अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन और अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के संशोधित विश्लेषण के अनुसार, ग्लेशियर के ढहने या हिमस्खलन के कारण यह विनाशकारी बाढ़ आई। हिमस्खलन के कारण भोटे कोशी की सहायक नदी ल्हेंदे के बहाव में रुकावट पैदा होने के बाद यह बाढ़ आई और सबसे पहले चीन की सीमा के पास रसुवागढ़ी स्थित तिमुरे इलाके में बाढ़ का कहर टूटा।


