नेपाल त्रासदी: चीन छिपा रहा है असली जानकारी, तिब्बतियों के जुबान पर भी लगाया ताला

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नेपाल की बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 600 के करीब पहुंच रहा है। वहीं चीन ने केवल 5 लोगों के मारे जाने का आंकड़ा जारी किया है। चीन इस विभीषिका की भी पूरी जानकारी छिपा रहा है।

China flood
तिब्बत में भी हुई भीषण तबाही, पर जानकारी बाहर नहीं आने दे रहा चीन

नेपाल में बुधवार को भीषण बाढ़ आपदा के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 579 हो गयी है जबकि हादसे के शिकार हुए करीब दो हजार लोगों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। भारत के भी सैकड़ों लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। यह आपदा चीन से ही चली थी लेकिन चीन ने अब तक केवल पांच लोगों के मारे जाने की बात कही है। चीन ने आपदा से ज्यादा सूचना पर नियंत्रण कर रहा है। उसने अब तक केवल पांच लोगों के मारे जाने की बात बताई है। वह मरने वालों का सही आंकड़ा भी जारी नहीं कर रहा है। जबकि नेपाल में हुई तबाही से अंदाजा लगाया जा सकता है कि चीन में भी इसी तरह का विनाश हुआ होगा।

असली बात छिपा रहा है चीन

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक चीन का मीडिया भी इस विभीषिका को लेकर चुप है। कुछ लोग अगर ग्राउंड पर रिपोर्ट करने जाते भी हैं तो वे वहां के लोगों और पीड़ितों से बात नहीं करते। रिपोर्टर खुद अपनी बात करता है और चीन के प्रयासों की पीठ ठोकता है। वहीं आम लोगों से कोई बातचीत नहीं की जाती है। इस तरह चीन पूरी सूचना पर नियंत्रण कर रहा है।

पत्रकारों से बात भी नहीं कर सकते तिब्बती

आपको बता दें कि चीन तिब्बत पर दावा ठोकता है जबकि तिब्बत के लोग अपनी स्वायत्तता और स्वतंत्रता की मांग कर रहे हैं। तिब्बत में किसी भी अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टर को जाने की इजाजत नहीं है। वहीं पत्रकारों से बात करने पर तिब्बत के लोगों को सजा दी जाती है। तिब्बत में भाषा और संस्कृति पर हमला करने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन की निंदा होती है।

जानकारी के मुताबिक चीन ने राहत-बचाव की टीम रवाना तो की लेकिन यह नहीं बताया कि वे वहां क्या कर रहे हैं। चीन की मीडिया ने इतना जरूर बताया था कि राहत-बचाव के काम के लिए शी जिनपिंग ने एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। वहीं प्रीमियर ली कियांग ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा भी किया था।

ग्लेशियरों पर नजर रख रहे अधिकारी

नेपाल के मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि वे अब दो और ग्लेशियरों पर नज़र रखने की कोशिश कर रहे हैं। ये ग्लेशियर उसी ग्लेशियर के पास हैं जिसके टूटने से बुधवार को भयानक बाढ़ आयी थी।

'नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी' के ताज़ा अपडेट के अनुसार, राहत और बचाव कार्यों के बीच अब तक लगभग 4,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है , हालांकि लापता लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक 1,924 लोग अभी भी लापता हैं। खोज एवं बचाव अभियान को गति देने के लिए नेपाल सेना, पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 15,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।लापता लोगों में विदेशी नागरिकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आये हैं।

एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक और जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। इससे पहले नेपाल पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों में लापता विदेशी नागरिकों की संख्या 575 बतायी गयी थी, जिसमें 36 देशों के नागरिक शामिल हैं। पुलिस डेटा के अनुसार, लापता विदेशियों में 65 अमेरिकी, 62 यूक्रेनी और 33 ब्रिटिश नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा, प्रभावित इलाकों से 149 नेपाली पर्यटक और 1,407 स्थानीय नागरिक भी लापता बताये गये हैं। प्रशासन और सुरक्षा बल प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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