अंतरिक्ष में छिपे हैं शहर तबाह करने वाले 15000 एस्टेरॉयड, NASA तक को खबर नहीं; चेतावनी जारी

Feb 17, 2026 11:12 am ISTAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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NASA के वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अंतरिक्ष में 15,000 'सिटी-किलर' एस्टरॉयड ऐसे हैं जिनका पता लगाना अभी बाकी है। क्या पृथ्वी इन अज्ञात खतरों और संभावित टक्कर से निपटने के लिए तैयार है? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

अंतरिक्ष में छिपे हैं शहर तबाह करने वाले 15000 एस्टेरॉयड, NASA तक को खबर नहीं; चेतावनी जारी

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने हाल ही में पृथ्वी की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की है। नासा के ग्रह रक्षा विभाग की प्रमुख डॉ. केली फास्ट ने बताया है कि अंतरिक्ष में हजारों ऐसे सिटी-किलर यानी शहर तबाह करने वाले एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह) मौजूद हैं, जिनकी लोकेशन के बारे में वैज्ञानिकों को फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।

'सिटी-किलर' एस्टरॉयड का खतरा

फिनिक्स में आयोजित एक विज्ञान सम्मेलन (AAAS) के दौरान डॉ. केली फास्ट ने खुलासा किया कि लगभग 15,000 मध्यम आकार के नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट्स (NEOs) अभी भी अज्ञात हैं।

  • ये एस्टरॉयड कम से कम 140 मीटर चौड़े हैं।
  • यदि इनमें से कोई भी एस्टरॉयड किसी घनी आबादी वाले क्षेत्र से टकराता है, तो यह पूरे क्षेत्र को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता रखता है।

डॉ. फास्ट के अनुसार- हमें उन बड़े एस्टरॉयड की चिंता नहीं है जो फिल्मों में दिखाए जाते हैं, क्योंकि हमें पता है कि वे कहां हैं। लेकिन ये 'बीच के आकार' वाले एस्टरॉयड क्षेत्रीय स्तर पर भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं और दुनिया के सबसे अच्छे टेलिस्कोप भी इन्हें आसानी से नहीं ढूंढ पा रहे हैं।

रक्षा प्रणाली में बड़ी कमी

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की डॉ. नैन्सी चाबोट ने नासा के DART मिशन का नेतृत्व किया था। उन्होंने एक और चिंताजनक बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि वर्तमान में हमारे पास ऐसी कोई भी अंतरिक्ष यान तैयार स्थिति में नहीं है, जिसे किसी आने वाले खतरे को रोकने के लिए तुरंत लॉन्च किया जा सके।

DART मिशन क्या था?

नासा ने 'डिमोरफोस' नामक एक छोटे चंद्रमा से अपना यान टकराकर उसकी कक्षा बदलने में सफलता पाई थी। डॉ. चाबोट ने कहा- डार्ट एक शानदार प्रदर्शन था, लेकिन हमारे पास दूसरा कोई यान तैयार नहीं रखा है। यदि आज कोई बड़ा खतरा सामने आता है, तो उसे रोकने का कोई सक्रिय तरीका हमारे पास नहीं है।

एस्टेरॉयड 'YR4' और क्रिसमस की घटना

वैज्ञानिकों की चिंता पिछले साल और बढ़ गई जब YR4 नामक एक एस्टेरॉयड, जो लगभग एक फुटबॉल के मैदान जितना बड़ा था, क्रिसमस (2024) के दिन पृथ्वी के करीब से गुजरने के बाद डिटेक्ट हुआ।

चिंता का विषय: वैज्ञानिकों को इसके गुजरने के बाद इसकी जानकारी मिली। हालांकि बाद की गणनाओं ने 2032 में होने वाली संभावित टक्कर की आशंका को खारिज कर दिया, लेकिन इस घटना ने पृथ्वी की निगरानी प्रणाली की खामियों को उजागर कर दिया है।

भविष्य की क्या तैयारी?

नासा अब अपनी पहचान क्षमता को बढ़ाने के लिए 'नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट सर्वेयर' (NEO Surveyor) नामक एक नया स्पेस टेलिस्कोप लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। वर्तमान में नासा ने 140 मीटर से बड़े केवल 40% ऑब्जेक्ट्स की ही पहचान की है। इस नए मिशन का लक्ष्य बाकी बचे अज्ञात एस्टरॉयड को ढूंढना है ताकि समय रहते उनसे बचाव की तैयारी की जा सके। वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खतरे से निपटने के लिए और अधिक निवेश और तकनीकी तैयारी की तत्काल आवश्यकता है।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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