नमाज के बीच धमाके से दहल उठा पाकिस्तान का इस्लामाबाद, अब तक 31 की मौत; 169 घायल

Feb 06, 2026 04:37 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, इस्लामाबाद
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Islamabad Blast: यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव की दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर इस्लामाबाद में हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे आत्मघाती हमला कहा जा रहा है।

नमाज के बीच धमाके से दहल उठा पाकिस्तान का इस्लामाबाद, अब तक 31 की मौत; 169 घायल

Islamabad Blast: पड़ोसी देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज (शुक्रवार, 6 फरवरी को) जुमे की नमाज के दौरान एक शिया मस्जिद में बड़ा धमाका हुआ है, जिसमें 31 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है, जबकि 169 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के शहजाद टाउन इलाके के तरलाई इमामबाड़े में जुमे की नमाज के दौरान यह विस्फोट हुआ है। धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुँचीं और राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया। राहत दल लगातार घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती करा रहा है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव की दो दिनों की आधिकारिक यात्रा पर इस्लामाबाद में हैं। इस बीच, इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी पुलिस के प्रवक्ता ताकी जवाद ने कहा कि धमाके की प्रकृति का पता लगाना अभी जल्दबाजी होगी और फोरेंसिक टीमों को यह तय करना होगा कि यह आत्मघाती हमला था या प्लांट किया गया बम। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे आत्मघाती हमला कहा जा रहा है।

इस्लामाबाद में इमरजेंसी लागू

घटना की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के प्रमुख अस्पतालों में आपातकाल लागू कर दिया गया है। पॉलीक्लिनिक अस्पताल, पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और CDA अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया है। PIMS के प्रवक्ता के हवाले से डॉन ने बताया है कि अस्पताल के मुख्य इमरजेंसी, ऑर्थोपेडिक विभाग, बर्न सेंटर, न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। घायलों को लगातार PIMS और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में लाया जा रहा है।

अब तक धमाके की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली

फिलहाल धमाके के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियां मौके से सबूत जुटा रही हैं और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि विस्फोट कैसे और किन हालात में हुआ। बहरहाल सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। अभी तक इन धमाके की जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे बेहद गंभीर मान रही हैं। फॉरेंसिक टीमें भी मौके पर सबूत जुटाने में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि घायलों की संख्या और स्थिति पर नजर रखी जा रही है और विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद साझा की जाएगी। फिलहाल इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

Islamabad Blast during Namaz

राजधानी में हालिया धमाकों की कड़ी?

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब तीन महीने पहले ही इस्लामाबाद के G-11 इलाके में एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ था। 11 नवंबर 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय के बाहर हुए धमाके में तब 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग घायल हुए थे। आज का विस्फोट उस हमले की यादें ताजा कर रहा है और राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर रहा है।

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लेखक के बारे में

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प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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