'मोजतबा खामेनेई को चोटें आई थीं मगर...', सुप्रीम लीडर का चेहरा जलने की खबरों पर क्या बोला ईरान

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के शुरुआती हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन्हीं हमलों में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई।

'मोजतबा खामेनेई को चोटें आई थीं मगर...', सुप्रीम लीडर का चेहरा जलने की खबरों पर क्या बोला ईरान

ईरान ने अपने नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के युद्ध में घायल होने की पुष्टि कर दी है। सीनियर ईरानी अधिकारी ने बताया कि युद्ध की शुरुआत में हुए हमलों के दौरान खामेनेई को मामूली चोटें आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कहा कि कोई गंभीर बात नहीं हुई थी और मोजतबा खामेनेई अब सुरक्षित हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कई हफ्तों से उनकी सेहत को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। कोई कह रहा था कि मोजतबा खामेनेई का चेहरा जल गया है तो किसी का कहना था कि उन्हें बेहद गंभीर चोटें आई हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के अंत में शुरू हुए ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के शुरुआती हमलों में ईरान के कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था। इन्हीं हमलों में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि हमले में मोजतबा खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे और उन्हें पैर व चेहरे पर चोटें आई थीं। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने इन दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई अफवाह बताया है।

मोजतबा खामेनेई को लेकर तरह-तरह की अटकलें

बीते दिनों सोशल मीडिया और कई विदेशी मीडिया संस्थानों में यह चर्चा भी तेज थी कि मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से सामने क्यों नहीं आ रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में यहां तक दावा किया गया कि उनकी हालत बेहद गंभीर है और वह इलाज करा रहे हैं। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि सुरक्षा कारणों से उनकी सार्वजनिक मौजूदगी सीमित रखी गई है। हाल में एक अधिकारी ने बताया कि विस्फोट की वजह से उन्हें हल्की चोट लगी थी, लेकिन अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और सरकारी कामकाज पर नजर बनाए हुए हैं।

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच मोजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी दिलचस्पी बनी हुई है। युद्ध के बाद से ईरान की सत्ता संरचना और सैन्य रणनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई की सेहत और उनकी सार्वजनिक मौजूदगी आने वाले समय में ईरान की राजनीति और क्षेत्रीय समीकरणों पर असर डाल सकती है। फिलहाल ईरानी प्रशासन ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनके सर्वोच्च नेता सुरक्षित हैं और देश की कमान संभाल रहे हैं।

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लेखक के बारे में

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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