दुश्मन को बिना सजा के नहीं छोड़ेंगे; अमेरिका को आंख दिखा रहे खामेनेई, होर्मुज पर भी बोले

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान में सीजफायर के ऐलान के बाद सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि ईरान यह युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन अब वह अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा। दुश्मन को ईरान के नुकसान की भरपाई करनी ही होगी।

दुश्मन को बिना सजा के नहीं छोड़ेंगे; अमेरिका को आंख दिखा रहे खामेनेई, होर्मुज पर भी बोले

पश्चिम एशिया की जंग दो सप्ताह के सीजफायर के बाद अब थमती हुई नजर आ रही है। ईरान और अमेरिका दोनों ही इस सीजफायर को अपनी जीत की तरह पेश कर रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों की मानें, तो ईरान इस युद्ध में अभी भी मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है। इस बीच सीजफायर के बाद पहली बार ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का बयान सामने आया है। उन्होंने ऐलान किया है कि ईरान अपने दुश्मनों को हमला करने की सजा दिए बिना नहीं छोड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अब होर्मुज स्ट्रेट का मैनेजमेंट भी अपने नए चरण में प्रवेश कर रहा है।

ईरान की सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित खामेनेई के बयान में सीधे तौर पर अमेरिका को निशाना बनाने की बात कही गई है। इस बयान में मोजतबा ने कहा कि जिस दुश्मन ने उनके देश को निशाना बनाया है, उसे बिना सजा दिए नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने पुष्टि की कि तेहरान अपने हर नुकसान की भरपाई की मांग करेगा। उन्होंने कहा, "हम अपने हर नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजे की मांग करेंगे और अपने शहीदों के खून की कीमत और इस युद्ध में घायल हुए लोगों के लिए भी मुआवजा लेंगे।"

पिता की मौत के बदले के लिए अडिग संकल्प: मोजतबा

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायली हमले में मारे गए अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए एक बार फिर से मोजतबा ने कसम खाई। उन्होंने कहा कि ईरान अली खामेनेई की हत्या का बदला लेगा। इसके लिए उनका संकल्प अडिग है। इसके साथ ही मोजबता ने इस युद्ध में मारे गए अन्य ईरानी नेताओं के खून का बदला लेने के लिए भी अपना संकल्प जताया। बता दें, इस युद्ध में अभी तक ईरान के कई बड़े नेता और सैन्य अधिकारी मारे जा चुके हैं। इसके अलावा करीब 2000 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।

होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का अब नया अध्याय शुरू: मोजतबा

28 फरवरी को ईरान पर शुरू हुए हमले के बाद होर्मुज स्ट्रेट लगातार असुरक्षित रहा है। ईरान ने शुरुआत में इसको बंद नहीं किया था, लेकिन बाद में जब युद्ध पूरे तरीके से शुरू हो गया, तो उन्होंने इसे भी बंद कर दिया। प्राकृतिक रूप से बने इस रास्ते पर ईरान कोई टैक्स नहीं लगाता था। लेकिन युद्ध के बाद ईरान इस रास्ते पर टैक्स लगाने की जुगत में हैं। खामेनेई ने भी इसी बात के संकेत देते हुए कहा कि अब होर्मुज का मैनेजमेंट नए चरण में प्रवेश कर रहा है।

बता दें, सीजफायर की प्रमुख शर्तों में से एक शर्त यह भी है कि ईरान सुरक्षित रूप से जहाजों को होर्मुज पार करने देगा। हालांकि, पिछले 24 घंटे में होर्मुज से बहुत कम संख्या में जहाज पार हुए हैं। इजरायल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे हमलों के विरोध में ईरान ने होर्मज स्ट्रेट को एक बार फिर से बैन कर दिया है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया था। पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के बड़े नेताओं और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इस युद्ध में ईरान के कई बड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, ईरान ने पूरी तरह से पलटवार करते हुए अमेरिका और इजरायल की नाक में दम कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में ट्रंप, ईरान की 10 सूत्रीय मांग पर दो सप्ताह के सीजफायर के लिए तैयार हो गए।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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