हमें तो लूट लिया, इसलिए करनी पड़ी भारत से डील; डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया स्मार्ट प्रधानमंत्री

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक होशियार व्यक्ति हैं और वे अमेरिका को नुकसान पहुंचा रहे थे। ऐसे में अब अमेरिका कोई शुल्क नहीं दे रहा है। 

हमें तो लूट लिया, इसलिए करनी पड़ी भारत से डील; डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को बताया स्मार्ट प्रधानमंत्री

टैरिफ को रद्द करने के अमरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई भी बदलाव नहीं होने वाला है और भारत को शुल्क देना होगा। अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने ट्रंप द्वारा कई देशों के खिलाफ लगाए गए व्यापक शुल्क वृद्धि के आदेशों को शुक्रवार को रद्द कर दिया जिसे ट्रंप ने निराशाजनक करार दिया। साथ ही उन्होंने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद 10 फीसदी का शुल्क भारत समेत सभी देशों पर लागू किया है। इसके साथ ही भारत को 18 से अब केवल 10 फीसदी आयात शुल्क ही चुकाना होगा।

पीएम मोदी की तारीफ की

ट्रंप ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले का वाशिंगटन और नई दिल्ली द्वारा इस महीने की शुरुआत में घोषित व्यापार समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा, साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अपने ''अच्छे'' संबंधों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा "कोई बदलाव नहीं होगा। वे (भारत) शुल्क का भुगतान करेंगे और हम शुल्क नहीं देंगे। इसलिए भारत के साथ समझौता यही है कि वह शुल्क देगा यह पहले की स्थिति से उलट है। मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी सज्जन स्मार्ट शख्स हैं, लेकिन अमेरिका के संदर्भ में वह जिनके समकक्ष थे उनसे कहीं अधिक होशियार थे। वह हमें लूट रहे थे। इसलिए हमने भारत के साथ एक समझौता किया। अब यह एक निष्पक्ष समझौता है और हम उन्हें शुल्क नहीं दे रहे हैं, जबकि वे शुल्क दे रहे हैं। हमने थोड़ा बदलाव किया।'

ट्रंप ने कहा, "भारत के साथ समझौता जारी है… सभी समझौते जारी हैं, हम बस इसे एक अलग तरीके से करेंगे।' भारत के साथ अपने संबंधों पर एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि भारत के साथ मेरे संबंध शानदार हैं और हम भारत के साथ व्यापार कर रहे हैं। भारत रूस से अलग हो गया है। भारत अपना तेल रूस से ले रहा था और मेरे अनुरोध पर उसने इसमें काफी कमी की, क्योंकि हम उस भयानक युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं, जिसमें हर महीने 25,000 लोग मारे जा रहे हैं।'

ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस का वार

कांग्रेस ने अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा और दावा किया कि यह समझौता एक कठिन परीक्षा की तरह बन गया है जिसका सामना देश को प्रधानमंत्री के आत्मसर्मपण के कारण करना पड़ रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए यह सवाल भी किया कि ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि दो फरवरी 2026 की रात राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करें?

रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''कल अमेरिका के उच्चतम न्यायालय द्वारा उनकी शुल्क नीति को खारिज किए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके बहुत अच्छे मित्र हैं, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता घोषणा के अनुसार जारी रहेगा और उन्होंने 10 मई 2025 को भारतीय निर्यात पर शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर व्यक्तिगत रूप से ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया था।'

उन्होंने कहा, ''दो फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने सबसे पहले घोषणा की थी कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम रूप ले चुकी है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति मित्रता और सम्मान के चलते तथा उनके अनुरोध पर, तत्काल प्रभाव से हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति जताई।' रमेश ने सवाल किया कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुनिश्चित किया कि दो फरवरी 2026 की रात राष्ट्रपति ट्रंप ही भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा करें?

18 दिन और इंतजार कर लेते प्रधानमंत्री

उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी अपनी नाजुक छवि बचाने को लेकर इतने व्यग्र न होते और केवल 18 दिन और प्रतीक्षा कर लेते, तो भारतीय किसान इस पीड़ा और संकट से बच सकते थे और भारत की संप्रभुता भी सुरक्षित रहती। उन्होंने दावा किया, 'भारत-अमेरिका व्यापार समझौता दरअसल एक ऐसी कठिन परीक्षा बन गई है, जिसका सामना देश को प्रधानमंत्री की व्यग्रता और आत्मसमर्पण के कारण करना पड़ रहा है।' (एजेंसियों से इनपुट्स के साथ)

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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