मैं खुश नहीं... वह शांति से नहीं रह पाएगा; ट्रंप की मोजतबा खामेनेई को सीधी चेतावनी
ईरान संग जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि ईरान का नया नेतृत्व शांति से रह पाएगा। हालांकि इस दौरान ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि तेहरान के साथ बातचीत का विकल्प अभी भी खुला है।

ईरान संग जारी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि ईरान का नया नेतृत्व 'शांति से रह पाएगा। हालांकि इस दौरान ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि तेहरान के साथ बातचीत का विकल्प अभी भी खुला है। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का सर्वोच्च नेता बनाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मैं इससे खुश नहीं हूं। मुझे नहीं लगता कि वह शांति से रह पाएंगे। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल के हमलों तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण पूरे मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है।
गौरतलब है कि अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई ने सत्ता संभाली है। ट्रंप ने इस फैसले की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि क्या नया नेतृत्व ईरान को स्थिर रख पाएगा।ट्रंप की ताजा टिप्पणी को तेहरान के नेतृत्व के खिलाफ उनके पहले से जारी कड़े रुख का विस्तार माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि वाशिंगटन ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति जारी रखेगा।
इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की भी तारीफ की, जो 28 फरवरी को शुरू हुआ था। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के परिणाम उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं। ट्रंप के अनुसार शुरुआती हमलों में ईरान की मिसाइल क्षमताओं को बड़ा नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि जब हमने पहला हमला किया, तब हमने उनकी करीब 50 प्रतिशत मिसाइलें नष्ट कर दीं। अगर ऐसा नहीं होता तो लड़ाई कहीं ज्यादा कठिन होती। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा आश्चर्य इस बात पर हुआ कि ईरान ने उन देशों पर भी हमले किए, जिन्होंने उस पर हमला नहीं किया था।
कड़े बयानों के बावजूद ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि वे बातचीत के लिए बेताब हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर शर्तें स्वीकार्य हों तो तेहरान के साथ वार्ता 'संभव' है। इस दौरान ट्रंप ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरान को चेतावनी दी।
ट्रूथ सोशल पर पोस्ट किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले तेल टैंकरों को रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। ट्रंप ने लिखा कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति रोकने की कोशिश करता है, तो अमेरिका उस पर अब तक से '20 गुना अधिक कठोर प्रहार' करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति में अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिनके बाद उसकी सैन्य क्षमताओं का पुनर्निर्माण करना लगभग असंभव हो जाएगा।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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