
अमेरिकी एयरस्पेस में घुसे मैक्सिको के ड्रोन, मचा हड़कंप; एल पासो एयरपोर्ट बंद
अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि FAA और डिपार्टमेंट ऑफ वॉर ने कार्टेल ड्रोन घुसपैठ से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई की। खतरे को बेअसर कर दिया गया है और क्षेत्र में वाणिज्यिक यात्रा के लिए कोई खतरा नहीं है।
बुधवार को टेक्सास के एल पासो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के ऊपर हवाई क्षेत्र अचानक बंद कर दिया गया, जब मैक्सिकन ड्रग कार्टेल के ड्रोनों ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में घुस गए। जिस कारण थोड़ी देर के लिए ही सही, एयरस्पेस को बंद करना पड़ा। संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने शुरुआत में 10 दिनों (11 से 20 फरवरी तक) के लिए सभी उड़ानें ( वाणिज्यिक, कार्गो और सामान्य एविएशन ) रोकने की घोषणा की थी। इलाके को 'राष्ट्रीय रक्षा हवाई क्षेत्र' घोषित किया गया था, जिससे एल पासो और पड़ोसी सांता टेरेसा (न्यू मैक्सिको) के ऊपर कोई उड़ान संभव नहीं थी।
हालांकि, कुछ घंटों बाद ही FAA ने इस प्रतिबंध को हटा लिया और सामान्य उड़ानें बहाल कर दी गईं। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि मैक्सिकन कार्टेल के कई ड्रोनों ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था, जिसके बाद डिफेंस डिपार्टमेंट (पेंटागन) ने उन्हें निष्क्रिय (डिसेबल) कर दिया।
अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि FAA और डिपार्टमेंट ऑफ वॉर (DOW) ने कार्टेल ड्रोन घुसपैठ से निपटने के लिए तुरंत कार्रवाई की। खतरे को बेअसर कर दिया गया है और क्षेत्र में वाणिज्यिक यात्रा के लिए कोई खतरा नहीं है। प्रतिबंध हटा दिए गए हैं और सामान्य उड़ानें फिर से शुरू हो रही हैं।
बता दें कि इससे पहले नियामक की ओर से मंगलवार देर रात जारी नोटिस के अनुसार, यह प्रतिबंध 20 फरवरी तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश के तहत एल पासो और उसके नजदीकी समुदाय सांता टेरेसा (न्यू मैक्सिको) के ऊपर के पूरे हवाई क्षेत्र को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
एल पासो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुष्टि की है कि मंगलवार स्थानीय समयानुसार रात 11:30 बजे से सभी उड़ानें बंद कर दी गई हैं। हवाई अड्डा प्रशासन ने बताया कि यह प्रतिबंध बहुत ही कम समय की नोटिस पर जारी किया गया था। वर्तमान में हवाई अड्डे का स्टाफ नियामक से अगले दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा कर रहा है।
इस औचक फैसले के कारण सैकड़ों यात्री हवाई अड्डे पर फंस गए। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ानों की स्थिति और रिफंड या री-शेड्यूलिंग की जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करें।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतने लंबे समय (10 दिन) के लिए पूरे हवाई क्षेत्र को बंद करना एक असाधारण कदम है, जो आमतौर पर किसी बड़े सुरक्षा खतरे या गोपनीय सैन्य अभियान के दौरान उठाया जाता है। फिलहाल अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग या प्राधिकरण की ओर से इन 'सुरक्षा कारणों' पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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