दुनिया के सामने फिर बेनकाब हुआ PAK, जैश आतंकी बोला- संसद हमले और 26/11 के पीछे मसूद अजहर
संक्षेप: जैश आतंकी इलियास ने कहा कि दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान आया। बालाकोट की धरती ने उसे अपने विजन, मिशन और दिल्ली औ मुंबई के प्रोग्राम को आगे बढ़ाने के लिए एक आधार दिया।

दुनियाभर में आतंकवाद फैलाने के लिए कुख्यात पाकिस्तान एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक टॉप के आतंकी ने जैश प्रमुख मसूद अजहर के बारे में दुनिया को सच बता दिया है। आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी ने बताया है कि दिल्ली में हुए संसद हमले और मुंबई के 26/11 अटैक के पीछे कोई और नहीं, बल्कि मसूद अजहर ही था। इलियास के इस बयान के बाद एक बार फिर से दुनिया को यह पता चल गया है कि पाकिस्तान भले ही आतंक फैलाने से इनकार करता हो, लेकिन तमाम आतंकी हमलों के पीछे वही है।
इंडिया टुडे के अनुसार, एक वीडियो में मसूद इलियास कश्मीरी ने बताया कि मसूद अजहर ने भारत से पांच साल की कैद से रिहा होने के बाद भारत पर हमले की योजना बनाई थी। उसने यह भी बताया कि अजहर का बेस बालाकोट में था, जिसे भारत ने 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद एयरस्ट्राइक में ध्वस्त कर दिया था।
वीडियो में आतंकी इलियास ने कहा, ''दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान आया। बालाकोट की धरती ने उसे अपने विजन, मिशन और दिल्ली औ मुंबई के प्रोग्राम को आगे बढ़ाने के लिए एक आधार दिया। मौलाना मसूद अजहर का स्वरूप कुछ ऐसा ही है।'' आतंकी ने बालाकोट को भारत के खिलाफ आतंकवाद फैलाने के लिए एक मंच करार दिया और यहां तक कि उसने अमेरिका के हाथों मारे गए कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को शहीद तक कहा।
एक अन्य वीडियो में उसने बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मसूद अजहर के परिवार का कैसे खात्मा हो गया। इलियास कश्मीरी वीडियो में कहता है कि आतंकवाद को गले लगाते हुए अपने देश की रक्षा के लिए हमने लड़ाई लड़ी। यह लड़ाई दिल्ली, काबुल और कंधार से थी। सात मई को बहावलपुर में मौलाना मसूद अजहर के परिवार के लोग साफ हो गए और टुकड़ों में बंट गए।
उल्लेखनीय है कि भारत ने पहलगाम हमले के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसमें पीओके और पाकिस्तान में स्थित आतंकी कैंपों को तबाह किया गया था। इसी हमले में जैश के परिवार के काफी लोगों की मौत हो गई थी, जिससे मसूद अजहर को बड़ा झटका लगा। वहीं, दिल्ली में हुए संसद हमले की बात करें तो 13 दिसंबर, 2001 को भारतीय संसद पर जैश और लश्कर के पांच आतंकियों ने हमला किया था। इसके अलावा, मुंबई में 26/11 को ताज होटल समेत कई जगहों पर आतंकी हमले हुए थे।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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