अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए सिर्फ शादी काफी नहीं, अब करना होगा ये काम; जानें
अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए अमेरिकी नागरिक से विवाह एक प्रमुख तरीका है, लेकिन अब केवल शादी का प्रमाण-पत्र पर्याप्त नहीं है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा के अनुसार, विवाह वास्तविक होना चाहिए।

अमेरिका में ग्रीन कार्ड प्राप्त करने के लिए अमेरिकी नागरिक से विवाह एक प्रमुख तरीका है, लेकिन अब केवल शादी का प्रमाण-पत्र पर्याप्त नहीं है। अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) के अनुसार, विवाह वास्तविक होना चाहिए, अर्थात दोनों पक्ष अच्छे विश्वास से साथ रहने का इरादा रखते हों, न कि केवल आव्रजन लाभ के लिए। विशेषज्ञों के अनुसार, USCIS का मुख्य ध्यान इस पर है कि दंपति वास्तव में एक साथ रहते हैं या नहीं। अलग-अलग रहने वाले जोड़ों के आवेदनों पर गहन जांच होती है, जिसमें धोखाधड़ी की जांच, अनिवार्य इंटरव्यू और अतिरिक्त सबूतों की मांग शामिल हो सकती है।
दरअसल, अमेरिका में अप्रवासियों के लिए ग्रीन कार्ड एक स्थायी निवास की अनुमति है। यह धारकों को अमेरिकी नागरिकता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर देता है। हालांकि ग्रीन कार्ड धारक पूर्ण नागरिकों जैसे सभी अधिकार नहीं रखते, उन्हें कई सुविधाएं और कानूनी सुरक्षा मिलती है। ग्रीन कार्ड प्राप्त करने का सबसे आम तरीका अमेरिकी नागरिक से विवाह माना जाता है, लेकिन अब केवल शादी करना गारंटी नहीं है।
USCIS के अनुसार, अमेरिकी नागरिक का जीवनसाथी तत्काल संबंधी की श्रेणी में आता है, और ऐसे में सीधे ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया जा सकता है। लेकिन आव्रजन वकील ब्रैड बर्नस्टीन ने चेतावनी दी है कि शादी होना ही काफी नहीं। उन्होंने कहा कि रिश्ते में होना ग्रीन कार्ड नहीं दिलाता, साथ रहना दिलाता है। बर्नस्टीन के अनुसार, अधिकारी जांचते हैं कि शादी केवल कागजों पर है या वास्तव में पति-पत्नी साथ रहते हैं। अगर दंपति अलग रहते हैं, तो आवेदन खारिज होने का जोखिम बढ़ जाता है।
वकील ब्रैड बर्नस्टीन ने स्पष्ट किया कि अगर पति-पत्नी रोजाना एक ही घर में नहीं रहते, तो USCIS शादी पर सवाल उठाता है। जांच शुरू होने पर ग्रीन कार्ड मिलने की संभावना कम हो जाती है। अलग रहने वाले जोड़े अक्सर गहन जांच के दायरे में आते हैं, जिसमें धोखाधड़ी की जांच, इंटरव्यू में कठिनाइयां और आवेदन अस्वीकृति शामिल हो सकती है। इसलिए, शादी के आधार पर ग्रीन कार्ड आवेदन से पहले कानूनी सलाह लेना बहुत जरूरी है।
ये बदलाव ऐसे समय में आए हैं जब ट्रंप प्रशासन आव्रजन पर सख्ती कर रहा है। USCIS ने ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए वर्क परमिट की वैधता को 5 साल से घटाकर 18 महीने कर दिया है। इसके अलावा, कुछ घटनाओं के बाद डायवर्सिटी वीजा लॉटरी को निलंबित किया गया और कुछ देशों से आने वाले ग्रीन कार्ड धारकों की समीक्षा का आदेश दिया गया है। ये कदम सुरक्षा और आव्रजन नियंत्रण को मजबूत करने के लिए उठाए गए हैं।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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