ट्रंप को किसी और ने दे तो दिया नोबेल पर क्या अवॉर्ड विजेता कहलाएंगे, क्या है नियम

Jan 16, 2026 02:43 pm ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

नोबेल पीस सेंटर ने लिखा, 'नोबेल पीस प्राइज मेडल। इसका डायमीटर 6.6 मीटर, वजन 196 ग्राम होता है और यह सोने का बना होता है। इसके सामने के हिस्से पर अलफ्रेड नोबेल का पोट्रेट और पीछे तीन पुरुषों की एक दूसरे को कंधे से पकड़े हुए दिखाते हैं, जो भाईचारे का प्रतीक है। यह डिजाइन 120 सालों से नहीं बदली है।'

ट्रंप को किसी और ने दे तो दिया नोबेल पर क्या अवॉर्ड विजेता कहलाएंगे, क्या है नियम

वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल अवॉर्ड मेडल दे दिया। ट्रंप ने भी उनके इस कदम की तारीफ की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब ट्रंप लगातार खुद के लिए ही नोबेल की वकालत कर रहे हैं। हालांकि, इस तरह से मेडल हासिल करना ट्रंप के लिए काफी नहीं होगा। नोबेल इंस्टीट्यूट ने इस संबंध में नियम भी बता दिए हैं।

क्या हैं नियम

नोबेल पीस सेंटर ने गुरुवार को एक्स पर एक पुराना वाकया शेयर किया है। संस्था ने लिखा, 'नोबेल पीस प्राइज मेडल। इसका डायमीटर 6.6 मीटर, वजन 196 ग्राम होता है और यह सोने का बना होता है। इसके सामने के हिस्से पर अलफ्रेड नोबेल का पोट्रेट और पीछे तीन पुरुषों की एक दूसरे को कंधे से पकड़े हुए दिखाते हैं, जो भाईचारे का प्रतीक है। यह डिजाइन 120 सालों से नहीं बदली है।'

आगे लिखा, 'क्या आप जानते हैं कि कुछ नोबेल पीस प्राइज मेडल अवॉर्ड दिए जाने के बाद आगे किसी और को दे दिए गए? बहुत लोकप्रिय किस्सा दिमित्री मुरातोव के मेडल का है, जिसकी यूक्रेन युद्ध में शरणार्थियों की मदद के लिए 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा में नीलामी कर दी गई थी।'

आगे बताया गया, 'नोबेल पीस सेंटर पर जो मेडल प्रदर्शनी के लिए लगाया गया है, वह लोन पर है। इसके असली मालिक नॉर्वे के पहले पीज पुरस्कार विजेता क्रिश्चियन लूस लांगे हैं।'

संस्था ने बताया, 'एक सच अब भी बरकार है। जैसा की नॉर्वे की नोबेल कमेटी बताती है। 'नोबेल प्राइज की एक बार घोणा के बाद, इसे वापस नहीं लिया जा सकता, साझा नहीं किया जा सकता या किसी और को ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। यह फैसला अंतिम है और हर समय लागू है।'' उन्होंने कहा, 'एक मेडल का मालिक बदल सकता है, लेकिन Nobel Peace Prize laureate की उपाधि नहीं बदली जा सकती।'

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;