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ट्रंप को नोबेल देने के लिए तैयार हुईं मचाडो, नार्वे की पुरस्कार समिति ने दी प्रतिक्रिया

ट्रंप को नोबेल देने के लिए तैयार हुईं मचाडो, नार्वे की पुरस्कार समिति ने दी प्रतिक्रिया

संक्षेप:

वेनेजुएला में विपक्ष की नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरेना मचाडो अपना पुरस्कार ट्रंप को देने के लिए तैयार हो गई हैं। हालांकि, उनके बयान के बाद नोबेल पुरस्कार समिति ने ऐसा करने से इनकार किया है।

Jan 10, 2026 06:01 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रेम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। वेनेजुएला के घटनाक्रम के बाद अब नोबेल विजेता मारिया कोरेना मचाडो ने ट्रंप को अपना पुरस्कार देने की पेशकश की है। मचाडो की इस पेशकश के बाद नोबेल पुरस्कार समिति का बयान सामने आया है।

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नार्वे की नोबेल समिति ने स्पष्ट किया कि शांति पुरस्कार को साझा, रद्द या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। समिति की तरफ से यह बयान तब सामने आया है, जब ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि अगर मचाडो उन्हें यह पुरस्कार देना चाहती हैं, तो वह इसे साझा करने के लिए या लेने के लिए तैयार हैं, क्योंकि उन्हें नहीं लगता कि उनके अलावा कोई और इसके ज्यादा हकदार है। इसके बाद मचाडो ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि वह यह पुरस्कार अमेरिकी राष्ट्रपति को देना चाहती हैं।

नोबेल समिति ने इन बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बयान में कहा गया, "नोबेल पुरस्कार को न तो रद्द किया जा सकता है, न साझा किया जा सकता है और न ही दूसरों को हस्तांतरित किया जा सकता है। एक बार घोषणा हो जाने के बाद, निर्णय हमेशा के लिए मान्य हो जाता है।"

गौरतलब है कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद मारिया मचाडो वाशिंगटन की यात्रा पर आने वाली हैं। यहां पर वह वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद के लिए अमेरिका के सहयोग की उम्मीद कर सकती हैं। हालांकि, ट्रंप ने उनकी यात्रा के पहले ही नोबेल को लेकर अपनी राय साफ कर दी है।

आपको बता दें, जिस वक्त वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को वहां से उठाया गया, उस वक्त यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि अमेरिका वहां पर मचाडो को राष्ट्रपति के रूप में स्थापित करने की कोशिश करेगा। हालांकि, ट्रंप से जब पूछा गया तो उन्होंने इसके लिए साफ इनकार कर दिया, जिसके बाद वेनेजुएला में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो का स्थान लिया।

कुछ रिपोर्टस के मुताबिक ट्रंप, मचाडो से नाराज थे, क्योंकि उन्होंने ट्रंप के न चाहते हुए भी नोबेल पुरस्कार को स्वीकार कर लिया। ऐसे में अब मचाडो ट्रंप का भरोसा जीतने के लिए बार-बार उन्हें अपना नोबेल समर्पित करती हुई नजर आ रही हैं।

ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से खुद के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की मांग कर चुके हैं। हालांकि, ट्रंप को यह पुरस्कार नहीं मिला। नोबेल समिति ने उस वक्त कहा था कि ट्रंप के पदभार ग्रहण करने के कुछ दिन बाद ही 2025 के नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन बंद हो गए थे, इसकी वजह से उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया जा सकता था।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak
उपेन्द्र पिछले कुछ समय से लाइव हिन्दुस्तान के साथ बतौर ट्रेनी कंटेंट प्रोड्यूसर जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली (2023-24 बैच) से पूरी की है। इससे पहले भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया। मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के रहने वाले हैं। अंतर्राष्ट्रीय संबंधों, राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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