राष्ट्रपति का चल रहा चक्कर... खबर दिखाने वाले मीडिया आउटलेट पर पुलिसिया कहर, संपादकों की शामत
सरकार ने मंगलवार को मीडिया आउटलेट 'अधधु ऑनलाइन' के खिलाफ की गई इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे एक कानूनी प्रतिक्रिया भर बताया है। वहीं राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने इस मामले को बेबुनियाद और झूठा करार दिया है।

दक्षिणी पड़ोसी देश मालदीव के एक मीडिया आउटलेट ने राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू के बारे में एक ऐसी खबर दिखाई, जिस पर सियासी उबाल मच गया और मीडिया हाउस को पुलिसिसा कहर का सामना करना पड़ा है। दरअसल, इस न्यूज आउटलेट ने पिछले दिनों एक डॉक्यूमेंट्री सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति का किसी महिला से चक्कर चल रहा है और उनके उनसे शारीरिक संबंध हैं। इस खबर के बाद मालदीव पुलिस ने न्यूज़ आउटलेट के दफ्तरों पर छापा मारा और उसके संपादकों को देश छोड़ने से रोक दिया है। डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्ज़ू और उनकी एक पूर्व सहयोगी के बीच अफेयर होने का आरोप लगाया गया था।
दूसरी तरफ, सरकार ने मंगलवार को मीडिया आउटलेट 'अधधु ऑनलाइन' के खिलाफ की गई इस कार्रवाई का बचाव करते हुए इसे एक कानूनी प्रतिक्रिया भर बताया है। वहीं राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू ने इस मामले को "बेबुनियाद और झूठा" करार दिया है। गृह सुरक्षा मंत्री अली इहसान ने X पर एक पोस्ट में कहा, "राष्ट्रपति के ख़िलाफ झूठे [व्यभिचार के] आरोपों को लेकर न्यूज़ आउटलेट की जाँच करना और उस पर छापा मारना पुलिस का सही कदम है।" उन्होंने कहा, “प्रेस की आजादी की गारंटी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि झूठ के सहारे किसी की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की खुली छूट मिल जाए।”
सोमवार देर रात छापेमारी
यह छापा सोमवार देर रात मारा गया। पुलिस ने छापेमारी के दौरान मीडिया हाउस के दफ्तर से लैपटॉप और स्टोरेज डिवाइस ज़ब्त कर लिए हैं। यह कार्रवाई मुइज़्ज़ू के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने "संबंधित अधिकारियों से ऐसी झूठी जानकारी फैलाने वाले सभी पक्षों के ख़िलाफ मुक़दमा चलाने" का आह्वान किया था। बता दें कि 'आयशा' नाम की यह डॉक्यूमेंट्री 28 मार्च को अधधु के X और Facebook अकाउंट पर पोस्ट की गई थी। इसमें एक ऐसी महिला का इंटरव्यू शामिल था, जिसकी पहचान गुप्त रखी गई थी। महिला ने दावा किया था कि उसके मुइज़्ज़ू के साथ शारीरिक संबंध हैं।
आरोप लगाने वाली 22 साल की एक सिंगल मदर
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने बताया कि वह 22 साल की एक सिंगल मदर है। उसने कहा कि यह अफेयर पिछले साल तब शुरू हुआ, जब वह राष्ट्रपति कार्यालय में एक प्रशासक के तौर पर काम करने लगी थी। मुइज़्ज़ू 47 साल के हैं, शादीशुदा हैं और तीन बच्चों के पिता हैं। यह डॉक्यूमेंट्री एक संवैधानिक जनमत संग्रह से कुछ ही दिन पहले जारी की गई थी। इस जनमत संग्रह में मुइज़्ज़ू को एक करारा झटका लगा था, जब 4 अप्रैल को 69 प्रतिशत मतदाताओं ने राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों के चक्र को एक साथ लाने के सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया था। आलोचकों का कहना था कि इस योजना से देश में 'चेक्स एंड बैलेंस' (सत्ता के संतुलन) की व्यवस्था कमज़ोर पड़ जाएगी।
मालदीव एक सुन्नी मुस्लिम बहुल द्वीपीय देश
मालदीव एक सुन्नी मुस्लिम बहुल द्वीपीय देश है, जिसके आलीशान रिसॉर्ट दुनिया भर से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। मीडिया हाउस पर हुई कार्रवाई की चिंताओं को पिछले साल सितंबर में पारित एक मीडिया क़ानून ने और भी बढ़ा दिया है। हालांकि, इस क़ानून की व्यापक आलोचना हुई थी, क्योंकि इसके तहत एक ऐसा आयोग गठित किया गया है, जिसमें सरकार के वफ़ादार लोगों को ही शामिल किया गया है। इस आयोग को मीडिया आउटलेट्स पर जुर्माना लगाने, उन्हें निलंबित करने और उन्हें बंद करने तक का अधिकार दिया गया है।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
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