'बस तुम ही हो', कौन हैं डोनाल्ड ट्रंप को 'लव लेटर' लिखने वाली नताली हार्प; साए की तरह रहती हैं साथ
डोनाल्ड ट्रंप की पीए नताली हार्प को लेकर आजकल काफी चर्चा चल रही है। वह ट्रंप के साथ साए की तरह रहती हैं। वहीं उनके कुछ पत्र भी प्रकाशित हो गए हैं जो कि डोनाल्ड ट्रंप के लिए लिखे गए थे।

अमेरिकी संसद में डोनाल्ड ट्र्ंप की पीए का जिक्र होने के बाद नताली हार्प एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। डोनाल्ड ट्रंप के लिए उनकी तरफ से लिखे गए कुछ पत्र भी चर्चा में हैं। इन पत्रों में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को अपना जीवन रक्षक और सब कुछ माना है। उन्होंने लिखा, आपसे ज्यादा मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। आप डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनका साए की तरह देख सकते हैं। विदेश यात्राओं पर भी अमेरिका की फर्स्ड लेडी मेलानिया ट्रंप भले ही उनके साथ ना दिखाई दें लेकिन नताली एक लैपटॉप और प्रिंटर के साथ ट्रंप के साथ ही रहती हैं।
'द डेली बीस्ट' में डोनाल्ड ट्रंप के लिए नताली द्वारा लिखे गए दो पत्र प्रकाशित किए गए हैं। इस में से एक पत्र में उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की और कहा कि उन्होंने ही उन्हें मरने से बचाया है। वहीं दूसरे पत्र में उन्होंने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप के करीब आकर काम करने का मौका मांगा था। उन्होंने लिखा, मैं माफी मांगना चाहती हूं कि मेरा फोकस हट गया था। आप मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं। मैं आपको कभी नीचा नहीं दिखाना चाहती। मेरे जीवन के रक्षक बनने के लिए आपको शुक्रिया।
कौन हैं नताली हार्प
नतालिया हार्प को डोनाल्ड ट्रंप का बेहद करीबी माना जाता है। यह भी कहा जाता है कि ट्रंप से मिलने का रास्ता हार्प के पास से होकर गुजरता है। इसी सप्ताह जॉर्जिया के सीनेटर जॉन ऑसॉफ ने सीनेट में भाषण के दौरान नतालिया का जिक्र किया था। इसके बाद यह भाषण वायरल होने ललगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप की विदेश यात्रा के दौरान नताली को भी कतर के अमीर से तोहफे मिले। इसके अलावा कहा गया कि ट्रंप ने तुर्की जाते वक्त चुपके से विमान बदल लिया था। उस समय भी उनके साथ नताली मौजूद थीं। नताली को उनका गेटकीपर और कंफर्ट ब्लैंकेट कहा जाता है। इसके अलावा लोग उन्हें ट्रंप का ह्यूमन प्रिंटर भी कहते हैं।
नताली हार्प कैलिफोर्निया की रहने वाली हैं और एक रूढ़िवादी ईसाई परिवार से संबंध रखती हैं। डोनाल्ड ट्रंप को जीवन बचाने का क्रेडिट देकर वह चर्चा में आ गईं। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान राउट टु ट्राइ ऐक्ट पारित हुआ था। इसके तहत इलाज के लिए कोई भी अपने शरीर पर प्रयोग करवा सकता है। हार्प ने हड्डी के कैंसर का इलाज करवाया। इसके बाद 2020 के चुनाव प्रचार बोर्ड में वह अभियान के सलाहकार बोर्ड में थीं। उन्होंने कहा था जब कीमोथेरेपी से भी मेरा इलाज नहीं हो पाया तो मिस्टर प्रेसिडेंट ने हमें एक्सपेरिमेंटल इलाज की छूट दी। अगर वह ऐसा ना करते तो मेरी जान चली जाती।


