बेटी नहीं, पार्टी के शीर्ष पद पर चुने गए किम जोंग उन; फिर अमेरिका को दिखाई आंख

Feb 23, 2026 10:48 am ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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किम जोंग उन को एक बार फिर सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर चुना गया है। तमाम अटकलों के बीच स्पष्ट हो गया है कि वह अभी किसी को अपना उत्तराधिकारी नहीं बनाने वाले हैं। वहीं किम ने परमाणु कार्यक्रम को तेज करने का ऐलान भी कर दिया है।

बेटी नहीं, पार्टी के शीर्ष पद पर चुने गए किम जोंग उन; फिर अमेरिका को दिखाई आंख

तमाम अटकलों के बीच उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से निर्वाचित किया गया है। बीते कुछ समय से चर्चा चल रही थी कि किम जोंग उन अपनी बेटी को पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी दे सकते हैं। हालांकि ऐसा नहीं हुआ है। किम जोंग उन ने एक बार फिर अमेरिका को आंख दिखाते हुए देश में परमाणु हथियारों को और मजबूत करने का ऐलान किया है। गुरुवार से शुरू हुई पार्टी कांग्रेस में किम अगले पांच वर्षों के लिए अपने प्रमुख राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों की रूपरेखा पेश कर सकते हैं। संकेत मिल रहे हैं कि वह परमाणु कार्यक्रम को और तेज करने पर जोर देंगे। उत्तर कोरिया के पास पहले से ही ऐसी मिसाइल मौजूद हैं जो एशिया में अमेरिकी सहयोगियों और अमेरिकी मुख्य भूमि तक को निशाना बना सकती हैं।

हर पांच वर्ष में होते हैं चुनाव

विश्लेषकों का मानना है कि किम पारंपरिक सैन्य बलों को मजबूत करने और उन्हें परमाणु क्षमताओं के साथ एकीकृत करने के नए लक्ष्य घोषित कर सकते हैं। साथ ही वह चीन के साथ व्यापार में सुधार और रूस को हथियार निर्यात से मिली आर्थिक बढ़त के बीच ''आत्मनिर्भरता'' अभियान पर भी पुन: जोर दे सकते हैं। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि हजारों प्रतिनिधियों की ''एकमत इच्छा'' से किम को पार्टी का महासचिव चुना गया। वर्ष 2016 से हर पांच वर्ष में आयोजित इस कांग्रेस में शीर्ष नेता का चुनाव होता है।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया से तनाव

जानकारों का अनुमान है कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कड़े रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 2019 में वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया का अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद ठप है। किम ने दक्षिण कोरिया को 2024 में स्थायी दुश्मन घोषित कर संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया था।

रूस से करीबी

किम जोंग उन यूक्रेन युद्ध में रूस का खुलकर साथ दे रहे हैं। उन ने हजारों सैनिकों को भी रूस की तरफ से युद्ध में उतारा है। वह रूस की यात्रा भी कर चुके हैं। जानकारों का कहना है कि रूस और उत्तर कोरिया मिलकर अपनी सेना को मजबूत करने और परमाणु हथियारों को बनाने पर जोर दे रहे हैं।

अटकलें थीं कि किम जोंग उन अपनी 16 साल की बेटी को पार्टी का महासचिव बना सकते हैं। बीते दिनों वह किम जोंग उनके साथ नजर आई थीं। हालांकि किम की बेटी किम जू ए अभी नाबालिग हैं। जानकारी के मुताबिक किम जू एक, किम जोंग उन की पत्नी री सोल जू के तीन बच्चों में तीसरे नंबर पर हैं। वैसे तो किम जोंग उन अपने परिवार को सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाते हैं लकिन उनकी बेटी कई बार उनके साथ दिख चुकी है। फऱवरी में उनकी तस्वीरें डाक टिकट पर भी छपी थीं।

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लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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