'अब नहीं रुकेंगे...', मिडिल ईस्ट में खूनखराबा देख खौफनाक हुए किम जोंग; बजा दी खतरे की घंटी!

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किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमता को सुपरस्पीड से बढ़ाने का ऐलान किया है। मध्य पूर्व के हालात को ढाल बनाकर तानाशाह ने अमेरिका-जापान को दी बड़ी चुनौती। जानिए पूरी रिपोर्ट।

North Korean leader Kim Jong Un

पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त मिडिल ईस्ट में मचे खूनखराबे और उसके बाद चल रही शांति की कवायद पर टिकी हैं। लेकिन इस भयंकर वैश्विक अस्थिरता के बीच उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने एक ऐसा खौफनाक फैसला लिया है, जिसने दुनिया भर में खतरे की घंटी बजा दी है। मध्य पूर्व के हालातों का हवाला देते हुए किम ने साफ कर दिया है कि उत्तर कोरिया अब किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा और अपनी परमाणु ताकत को 'सुपरस्पीड' से बढ़ाएगा। अमेरिका और जापान की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए उन्होंने हथियारों के जखीरे को तेज गति से बढ़ाने को देश की रक्षा का 'एकमात्र और सबसे सही रास्ता' करार दिया है। तानाशाह के इस विनाशकारी ऐलान ने पश्चिमी देशों की नींद उड़ा दी है और दुनिया को एक नए सैन्य तनाव के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। किम जोंग उन ने मध्य पूर्व के मौजूदा हालात का हवाला देते हुए परमाणु कार्यक्रम को देश की रक्षा का एकमात्र सही रास्ता बताया है। अब उत्तर कोरिया नई नौसेना संपत्तियों के साथ-साथ एक 10,000 टन के क्रूजर का निर्माण करेगा।

परमाणु हथियारों के विस्तार को ठहराया सही

उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के अनुसार, शासक दल 'वर्कर्स पार्टी' की तीन दिवसीय पोलित ब्यूरो बैठक सोमवार को समाप्त हुई। इस दौरान किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताओं को "लगातार बढ़ती गति के साथ" और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया है। उन्होंने मध्य पूर्व में चल रहे खून-खराबे का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अपनी रक्षा के लिए परमाणु हथियारों का विस्तार ही सबसे सही और अद्वितीय तरीका है।

अधिकारियों का सर्वसम्मति से यह मानना था कि अप्रत्याशित और जटिल अंतरराष्ट्रीय सैन्य तथा राजनीतिक स्थिति से आत्मविश्वास के साथ निपटने के लिए परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्र की भूमिका निभाना ही एकमात्र विकल्प है।

अमेरिका और जापान पर तीखा प्रहार

किम ने अमेरिका की "अंधाधुंध और मनमानीपूर्ण प्रथाओं" की कड़ी आलोचना की। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वी जापान पर आरोप लगाया कि वह मौजूदा अशांत परिस्थितियों का फायदा उठाकर खुद को एक बड़ी सैन्य शक्ति बनने से रोकने वाली सभी बेड़ियों को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।

हथियारों का जखीरा और नई रक्षा योजनाएं

बैठक में रक्षा क्षमताओं के विस्तार के लिए कई बड़ी योजनाओं की घोषणा की गई, जिसमें एक 10,000 टन के रणनीतिक गाइडेड मिसाइल क्रूजर का निर्माण और नए नौसैनिक अड्डों की स्थापना शामिल है।

वर्तमान परमाणु क्षमता के अनुमान:

रिपोर्ट/स्रोतपरमाणु हथियारों से जुड़ी जानकारी
SIPRI की रिपोर्टलगभग 60 परमाणु वारहेड मौजूद; कम से कम 30 और बनाने के लिए पर्याप्त विखंडनीय सामग्री।
दक्षिण कोरियाई चेतावनीउत्तर कोरिया अब प्रति वर्ष 20 तक नए परमाणु हथियार बनाने की गति से सामग्री का उत्पादन कर सकता है।

कूटनीतिक हलचल: दक्षिण कोरिया और अमेरिका-ईरान वार्ता

किम की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में अमेरिका और ईरान के बीच एक स्थायी शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है। दोनों देशों ने संघर्ष रोकने के लिए पिछले हफ्ते एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ट्रंप प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे, हालांकि परमाणु निरीक्षणों पर अभी भी संशय बरकरार है।

दूसरी ओर, फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद मांगी है। बता दें कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में किम जोंग उन के साथ तीन बार वार्ता की थी, लेकिन वे उन्हें अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने के लिए राजी करने में विफल रहे थे।

रूस के साथ बढ़ता गठजोड़

हाल के समय में उत्तर कोरिया का कूटनीतिक रुख काफी बदल गया है। किम जोंग उन अब यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक प्रमुख सहयोगी के रूप में उभरे हैं। उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ संबंध सुधारने के प्रयासों को दरकिनार करते हुए अपने हथियारों के निर्माण को और तेज कर दिया है।

केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के समापन भाषण में इस बात पर जोर दिया गया कि परमाणु तकनीक को आधार बनाकर भविष्य में युद्ध निवारक के रूप में "अधिक व्यापक, नवीन और उत्साहजनक योजनाओं को बढ़ती गति के साथ पूरा किया जाएगा।"

Amit Kumar

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