अभी बातचीत के मूड में नहीं हैं किम जोंग उन, उत्तर कोरिया ने जापान की तरफ दागीं 10 मिसाइलें
प्रशिक्षण शुरू होने के अगले ही दिन उत्तर कोरियाई नेता की बहन किम यो-जोंग ने चेतावनी दी थी कि दुश्मन ताकतों द्वारा सैन्य उकसावे के अकल्पनीय और भयावह परिणाम हो सकते हैं।

मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष के बीच उत्तर कोरिया ने दुनिया को एकबार फिर चौंका दिया। पूर्वी सागर की ओर 10 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर सनसनी फैला दी है। दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के अनुसार, ये मिसाइलें शनिवार दोपहर करीब 1:20 बजे राजधानी प्योंगयांग के सुनान इलाके से छोड़ी गईं। जापानी मीडिया आउटलेट NHK ने भी रक्षा मंत्रालय के हवाले से पुष्टि की है कि ये मिसाइलें समुद्र में गिर चुकी हैं। यह इस साल उत्तर कोरिया का तीसरा बड़ा मिसाइल परीक्षण है।
यह प्रक्षेपण विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरियाई प्रधानमंत्री किम मिन-सीओक के बीच हुई अचानक मुलाकात के ठीक एक दिन बाद हुआ है। बैठक के दौरान ट्रंप ने किम जोंग-उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए बातचीत की इच्छा जताई थी। उन्होंने पूछा था कि क्या किम जोंग-उन अमेरिका या उनसे बात करना चाहते हैं।
उत्तर कोरिया ने इस कूटनीतिक शुरुआत का जवाब 24 घंटे के भीतर मिसाइलों की बौछार से दिया है, जो यह संकेत देता है कि वह अभी बातचीत के मूड में नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मिसाइल लॉन्च 9 मार्च से शुरू हुए दक्षिण कोरिया-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास फ्रीडम शील्ड के खिलाफ एक तीखी प्रतिक्रिया है। हालांकि इस साल सैन्य अभ्यास के पैमाने को पिछले वर्ष की तुलना में आधा कर दिया गया है, लेकिन उत्तर कोरिया इसे उत्तर पर आक्रमण का पूर्वाभ्यास करार दे रहा है।
प्रशिक्षण शुरू होने के अगले ही दिन उत्तर कोरियाई नेता की बहन किम यो-जोंग ने चेतावनी दी थी कि दुश्मन ताकतों द्वारा सैन्य उकसावे के अकल्पनीय और भयावह परिणाम हो सकते हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा और तैयारी
JCS ने कहा है कि वह अतिरिक्त प्रक्षेपणों की तैयारी में निगरानी और सतर्कता बढ़ा रहा है। अमेरिका और जापान के साथ वास्तविक समय में जानकारी साझा की जा रही है। यह प्रक्षेपण पिछले परीक्षण के 47 दिनों बाद हुआ है। जनवरी में हुए पिछले परीक्षण के दौरान अमेरिकी रक्षा नीति के अवर सचिव एलब्रिज कोल्बी एशिया के दौरे पर थे।
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