AI से बनाओ दूरी, चीन में गिरती जन्मदर के बीच नया फरमान; क्या हैं इसके मायने

लाइव हिन्दुस्तान, बीजिंग
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चीन में गिरती जन्मदर के बीच एक नया फरमान जारी हुआ है। चीन ने अपने नागरिकों से कहा है कि वह एआई चैटबॉट से दूरी बनाएं। लोगों से कहा गया है कि वह एआई के बजाय, एक-दूसरे से प्यार करना शुरू करें।

China Robot
चीन ने रोबोट को लेकर नया नियम लागू किया है।

चीन में गिरती जन्मदर के बीच एक नया फरमान जारी हुआ है। चीन ने अपने नागरिकों से कहा है कि वह एआई चैटबॉट से दूरी बनाएं। लोगों से कहा गया है कि वह एआई के बजाय, एक-दूसरे से प्यार करना शुरू करें। इंसानों के साथ नजदीकियां बढ़ाएं। मशीनों के साथ संबंध सीमित रखने की सलाह दी गई है। चीन के साइबर स्पेस प्रशासन ने अन्य सहयोगी एजेंसियों के साथ मिलकर यह फरमान जारी किया है। इसके मुताबिक इस आदेश में बताए गए उपायों पर 15 जुलाई से अमल शुरू हो चुका है। इस दौरान खासतौर पर उन एआई अप्लीकेशंस को निशाने पर लिया गया है जो इंसानी व्यवहार और इमोशनल बातचीत की नकल करते हैं। चीन ने यह फैसला देश में गिरती जन्मदर के बीच लिया है।

चीन को क्यों उठाना पड़ा ऐसा कदम

गौरतलब है कि चीन में साल 2025 में जन्मदर में गिरावट आई है। साल 2025 में यहां जन्म दर सिर्फ 7.92 मिलियन रही। वहीं, प्रति 1,000 लोगों पर जन्म दर 5.63 थी। ऐसे में चीन यह देखने की कोशिश कर रहा है क्या लोगों में डिजिटल से बढ़ते लगाव के चलते ऐसा हो रहा है। चीन प्रति व्यक्ति लगभग किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तुलना में कम बच्चे पैदा कर रहा है। बीजिंग ने हर चीज आजमाई है। टैक्स इंसेंटिव, हाउसिंग सब्सिडी, फैमिली प्लानिंग पॉलिसी में ढील। लेकिन इसके बावजूद जन्मदर में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।

क्या कहते हैं नियम

चीन में लागू किए गए नियम उन एआई ऐप पर लगाम लगाने की बात करते हैं, जो इंसानों जैसा होने का दिखावा करते हैं। मसलन, कुछ एआई ऐप, लोगों का जन्मदिन याद रखते हैं। उन्हें पेट नाम से बुलाते हैं। साथ ही ऐसा इमोशनल दिखावा करते हैं, जैसे कि असली डेट पर साथ जाने वाले हैं। नाबालिगों के लिए नियम बिल्कुल साफ हैं। कोई वर्चुअल इंटिमेट रिलेशनशिप नहीं। वहीं, वयस्कों के लिए तरीका थोड़ा अलग है। इसके तहत सभी एआई प्लेटफॉर्म को यह सुनिश्चित करना है कि एआई इंसान को अपने साथ चिपकाए नहीं। दोनों के बीच पर्याप्त दूरी बनी रहे, ताकि इंसान अपनी भावनात्मक जरूरत पूरी करने के लिए इंसान की तलाश करे ना कि मशीन की।

किसके ऊपर नए नियमों का असर नहीं

वहीं, कुछ एआई सेवाओं को नए नियमों से मुक्त रखा गया है। इनमें कस्टमर सर्विसेज टूल्स, प्रोडक्टिविटी असिस्टेंट और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर को इससे अलग रखा गया है। निर्देशों में कहा गया है कि चीन एआई के खिलाफ नहीं है। लेकिन वह नहीं चाहता कि एआई इंसानी भावनाओं का विकल्प बन जाए। नियमों की शुरुआत 27 दिसंबर, 2025 में जारी हुए एक ड्राफ्ट के साथ हुई थी। इसके बाद अप्रैल 2026 में इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार हुआ। अब जुलाई में इसे लागू कर दिया गया है।

एआई कंपनियों ने क्या कहा

चीन में एआई कंपनियों ने भी इसको लेकर पूरी तैयारी कर ली है। इन कंपनियों ने नियमों को लागू किए जाने का इंतजार नहीं किया। चाहे वो डाउबाओ एआई असिस्टेंट चलाने वाली बाइटडांस हो, या क्वेन प्लेटफॉर्म चलाने वाली अलीबाबा, सभी ने पहले ही अपने सर्विसेज में सुधार कर लिया है।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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