
जापान पर मंडरा रहा मेगा भूकंप का खतरा, अगले 7 दिन भारी तबाही का अलर्ट
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने मंगलवार तड़के एक असाधारण विशेष चेतावनी जारी की। यह इस तरह की केवल दूसरी चेतावनी है। इसमें कहा गया है कि अगले एक सप्ताह तक उसी क्षेत्र में समान या उससे अधिक तीव्रता का एक और भूकंप आने की संभावना है।
जापान के उत्तरी हिस्से में सोमवार देर रात आए 7.5 तीव्रता के भीषण भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। आओमोरी प्रांत के तट से दूर समुद्र में आए इस शक्तिशाली झटके से अब तक 51 लोग घायल हो चुके हैं, दर्जनों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 70 सेंटीमीटर ऊंची सुनामी लहरें भी उठीं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने मंगलवार तड़के देश में केवल दूसरी बार 'मेगा थ्रस्ट भूकंप सावधानी चेतावनी' जारी कर दी है। इसका मतलब है कि अगले एक सप्ताह में इसी क्षेत्र में 7.5 या उससे भी अधिक तीव्रता का एक और विनाशकारी भूकंप आ सकता है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने मंगलवार तड़के एक असाधारण विशेष चेतावनी जारी की। यह इस तरह की केवल दूसरी चेतावनी है। इसमें कहा गया है कि अगले एक सप्ताह तक उसी क्षेत्र में समान या उससे अधिक तीव्रता का एक और भूकंप आने की संभावना है। एजेंसी ने कहा कि इस भूकंप के कारण सामान्य समय की तुलना में बड़े भूकंप की संभावना काफी बढ़ गई है। उसने चेतावनी दी कि ऐसा भूकंप क्षेत्र में भयंकर सुनामी या अत्यधिक तेज कंपन पैदा कर सकता है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, अगले सात दिनों में ऐसा होने की संभावना लगभग 1% है। यह चेतावनी सैनरिकु तट और होक्काइडो के कुछ हिस्सों पर लागू होती है, जो दोनों प्रशांत महासागर की ओर हैं।
2024 में पहली बार इस तरह की चेतावनी जारी की गई
जापान ने पहली बार अगस्त 2024 में नानकाई ट्रफ क्षेत्र के लिए ऐसी ही चेतावनी जारी की थी। नानकाई ट्रफ 800 किलोमीटर लंबी समुद्री खाई है जहां टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं। सरकारी अनुमान में बताया गया कि नानकाई में आने वाले विशाल भूकंप और सुनामी से 298000 लोगों की जान जा सकती है और 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान हो सकता है। पिछले साल जारी चेतावनी एक सप्ताह बाद वापस ले ली गई थी। हालांकि अलर्ट जारी होने के बाद लोगों में घबराहट फैल गई थी, अत्यधिक खरीदारी हुई थी और कई यात्राएं रद्द कर दी गई थीं।
क्या कह रहे एक्सपर्ट?
भूवैज्ञानिक काइल ब्रैडली और जूडिथ ए हबर्ड ने कहा कि बड़े भूकंपों की श्रृंखला कभी-कभी होती जरूर है, लेकिन उसकी भविष्यवाणी करना असंभव है। उन्होंने लिखा कि यह बताना नामुमकिन है कि एक शक्तिशाली भूकंप के बाद उतना ही या उससे भी बड़ा भूकंप आएगा या नहीं। इसके बजाय हमें ऐतिहासिक आंकड़ों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो दिखाते हैं कि बहुत कम मामलों में ही किसी बड़े भूकंप के तुरंत बाद उससे भी बड़ा भूकंप आता है। ऐसा होता तो है, पर बहुत कम बार।

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