जापान चुनाव: एग्जिट पोल में सनाए ताकाइची की LDP को क्लीन स्वीप के संकेत
जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी रविवार को हुए संसदीय चुनाव में बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के एग्जिट पोल अनुमानों के अनुसार, एलडीपी को 274 से 328 सीटें मिलने की संभावना है, जो उसकी मौजूदा 198 सीटों से काफी अधिक है

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) रविवार को हुए संसदीय चुनाव में बड़ी जीत की ओर अग्रसर है। सार्वजनिक प्रसारक एनएचके के एग्जिट पोल अनुमानों के अनुसार, एलडीपी को 274 से 328 सीटें मिलने की संभावना है, जो उसकी मौजूदा 198 सीटों से काफी अधिक है। अगर एलडीपी 310 या इससे अधिक सीटें हासिल कर लेती है, तो वह निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में अकेले ही दो-तिहाई बहुमत प्राप्त कर सकती है।
इससे एलडीपी के नेतृत्व वाले गठबंधन को ऊपरी सदन में बहुमत न होने की स्थिति में भी महत्वपूर्ण विधेयकों और बजट से संबंधित फैसलों को निचले सदन में दो-तिहाई बहुमत के आधार पर पारित कराने की शक्ति मिल जाएगी। इस गठबंधन में जापान इनोवेशन पार्टी (जेआईपी या इशिन) भी शामिल है।
एनएचके के अनुसार, सत्तारूढ़ गठबंधन को कुल 302 से 366 सीटें मिलने का अनुमान है, जो 'सुपर बहुमत' के लिए मानी जाने वाली 261 सीटों की सीमा से काफी ऊपर है। ऐसी स्थिति में गठबंधन को निचले सदन की सभी 17 स्थायी समितियों की अध्यक्षता का अधिकार भी प्राप्त हो जाएगा।
दूसरी ओर, कंस्टीट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ जापान (सीडीपी) और कोमीतो के विलय से बने विपक्षी सेंट्रल रिफॉर्म गठबंधन (सीआरए) को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इस गठबंधन की सीटें घटकर 37 से 91 के बीच रह सकती हैं। इस हार के बाद सीआरए के सह-नेता योशिहिको नोदा के इस्तीफे की अटकलें भी तेज हो गई हैं, जिन्होंने नई पार्टी के गठन के लिए अपना राजनीतिक भविष्य दांव पर लगा दिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिणाम 2012 के चुनाव जैसा हो सकता है, जब 2009 में सत्ता खोने के बाद एलडीपी ने 294 सीटें जीतकर निचले सदन में शानदार वापसी की थी। उसी जीत ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के लगभग आठ वर्षों के लंबे शासन की नींव रखी थी। एनएचके के अनुमानों के मुताबिक, मौजूदा रुझान एलडीपी और उसके सहयोगियों के लिए मजबूत जनादेश की ओर इशारा कर रहे हैं, जिससे जापान की राजनीति में सत्तारूढ़ दल का प्रभुत्व एक बार फिर मजबूत होने की संभावना है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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