
जिहादी कोर्स में 5 हजार महिलाओं की भर्ती, सुसाइड मिशन की ट्रेनिंग; मसूद अजहर ने क्या-क्या उगला?
इससे पहले मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर को जैश-ए-मोहम्मद की महिला ब्रिगेड जमात उल-मुमिनात के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद PoK के रावलकोट में महिलाओं की भर्ती के लिए एक बड़ा कार्यक्रम भी हुआ था।
बीते मई महीने में भारत के ऑपरेशन सिंदूर में अपना सबकुछ गंवाने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना ने हाल ही में जैश की महिला विंग को लेकर कई राज उगले हैं। मसूद अजहर ने दावा किया है कि इस महिला विंग में अब तक 5,000 महिलाओं की भर्ती हो चुकी है। मसूद अजहर के मुताबिक इन महिलाओं को कथित तौर पर सुसाइड मिशन के लिए ट्रेनिंग दी जा रहा है।
इससे पहले आतंकी मसूद अजहर ने अक्टूबर में जैश की महिला ब्रिगेड, जमात-उल-मोमिनात तैयार करने की घोषणा की थी। जानकारी के मुताबिक इसकी जिम्मेदारी मसूद अजहर की बहन सईदा संभाल रही है। मसूद अजहर ने हाल ही में एक सोशल मीडिया पोस्ट में खुलासा किया है कि जमात-उल-मोमिनात का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
हर जिले का एक मुखिया
मसूद अजहर ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में 5,000 से अधिक महिलाएं इस समूह में शामिल हो चुकी हैं। अजहर ने कहा है कि भर्ती और ट्रेनिंग को सुविधाजनक बनाने के लिए पाक अधिकृत कश्मीर के कई जिलों में समूह का विस्तार किया जा रहा है। मसूद अजहर के मुताबिक हर जिले में एक महिला प्रमुख, जिसे मुंतजिमा कहा जाएगा के नेतृत्व में एक दफ्तर बनाया जाएगा, जो विंग की गतिविधियों पर नजर रखेगी।
ऑनलाइन जिहादी कोर्स भी शुरू
इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद ने महिलाओं की भर्ती के लिए एक ऑनलाइन जिहादी कोर्स भी शुरू किया था जिसका नाम 'तुफात अल-मुमिनात' रखा गया है। जैश ने इस कोर्स के हर महिला के लिए 500 रुपये की फीस भी निर्धारित की है।
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में चरमपंथी गुट महिलाओं का अकेले बाहर जाना ठीक नहीं माना जाता है इसलिए जैश अब महिलाओं की भर्ती के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा है ताकि वह आईएसआईएस, हमास और लिट्टे की तर्ज पर महिला आतंकी ब्रिगेड बना सके और फिदायीन हमलों के लिए उनका इस्तेमाल कर सके।

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