US में पुलिस कार से कुचली गई जाह्नवी के परिवार को मिलेंगे करोड़ों डॉलर, आया फैसला

Feb 12, 2026 01:35 pm ISTNisarg Dixit भाषा
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भारत के राजनयिकों ने भी मामले की जांच की मांग की थी। शहर के नागरिक निगरानी प्राधिकरण ने पाया कि यूनियन नेता रहे अधिकारी डैनियल ऑडरर की टिप्पणियों से विभाग की साख को नुकसान पहुंचा और लोगों का विश्वास कमजोर हुआ।

US में पुलिस कार से कुचली गई जाह्नवी के परिवार को मिलेंगे करोड़ों डॉलर, आया फैसला

अमेरिका के सिएटल शहर ने एक पुलिस अधिकारी की तेज रफ्तार गाड़ी की टक्कर लगने से जान गंवाने वाली भारतीय छात्राके परिवार के साथ 2.9 करोड़ अमेरिकी डॉलर के समझौते पर सहमति जताई है। जाह्नवी कंदुला को अधिकारी केविन डेव की गाड़ी ने उस समय टक्कर मारी थी, जब वह मादक पदार्थ संबंधी एक कॉल के बाद कार्रवाई के लिए 40 किलोमीटर प्रति घंटे की सीमा वाले क्षेत्र में 119 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जा रहे थे। उनकी गाड़ी की आपातकालीन लाइट जल रही थीं और चौराहों पर सायरन का इस्तेमाल भी किया जा रहा था।

सिटी अटॉर्नी एरिका इवांस ने बुधवार को जारी बयान में कहा, "जाह्नवी कंदुला की मौत हृदयविदारक है और शहर को उम्मीद है कि यह वित्तीय समझौता कंदुला परिवार को कुछ हद तक संतोष प्रदान करेगा। जाह्नवी कंदुला का जीवन महत्वपूर्ण था। यह उनके परिवार, मित्रों और हमारे समुदाय के लिए मायने रखता था।" कंदुला सिएटल स्थित नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी परिसर में सूचना प्रणाली (इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स) में मास्टर डिग्री के लिए पढ़ाई कर रही थीं।

कंदुला के परिवार के वकीलों ने तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी। दोनों पक्षों ने पिछले शुक्रवार को किंग काउंटी सुपीरियर कोर्ट में समझौते की सूचना दाखिल की। स्थानीय समाचार वेबसाइट 'पब्लिकॉला' ने सबसे पहले इस समझौते की खबर दी। कंदुला की मौत के बाद व्यापक प्रदर्शन हुए थे। लोगों का आक्रोश इस बात को लेकर भड़क उठा जब एक अन्य अधिकारी के बॉडी कैमरा की रिकॉर्डिंग सामने आई, जिसमें वह हंसते हुए कंदुला के जीवन को "मामूली" बताते और यह कहते सुनाई दिया कि शहर को "सिर्फ एक चेक लिख देना" चाहिए।

भारत के राजनयिकों ने भी मामले की जांच की मांग की थी। शहर के नागरिक निगरानी प्राधिकरण ने पाया कि यूनियन नेता रहे अधिकारी डैनियल ऑडरर की टिप्पणियों से विभाग की साख को नुकसान पहुंचा और लोगों का विश्वास कमजोर हुआ। ऑडरर को बर्खास्त कर दिया गया और उन्होंने गलत तरीके से सेवा समाप्ति के खिलाफ शहर पर मुकदमा दायर किया। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणियां इस बात की आलोचना करने के उद्देश्य से थीं कि वकील इस मौत पर संभवत: किस तरह प्रतिक्रिया देंगे।

पुलिस विभाग ने वाहन चला रहे अधिकारी को भी बर्खास्त कर दिया। उन्हें लापरवाही से वाहन चलाने का दोषी ठहराया गया और 5,000 डॉलर का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया। किंग काउंटी के अभियोजकों ने उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक आरोप दायर करने से इनकार करते हुए कहा कि यह साबित नहीं किया जा सका कि उन्होंने जानबूझकर सुरक्षा की अनदेखी की। समझौते की लगभग दो करोड़ डॉलर की राशि शहर की बीमा पॉलिसी के तहत कवर होने की संभावना है।

Nisarg Dixit

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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