
चौराहे पर आया NATO, इस देश को लेकर आपस में भिड़ गए अमेरिका और यूरोप; ट्रंप को चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते हफ्ते वेनेजुएला पर आक्रमण के बाद से कई बार ग्रीनलैंड का जिक्र कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया है कि ग्रीनलैंड पर अधिकार अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
अमेरिका ने बीते सप्ताह वेनेजुएला पर आक्रमण और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी से पूरी दुनिया को चौंका दिया। ट्रंप के इस कदम की भरपूर आलोचना भी हुई और निंदा करने वालों में कई पश्चिमी देश भी शामिल थे। अब वेनेजुएला के बाद ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जे की योजना बना रहे हैं और अमेरिका बार-बार यह बात दोहरा रहा है कि वह इसके लिए मिलिट्री का सहारा लेने से भी नहीं कतराएगा। अमेरिका के इस प्लान को लेकर पश्चिमी देशों का गुस्सा फूट पड़ा है। कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दे दी है कि अमेरिका ने अगर ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश की, तो यह यूरोप के साथ युद्ध के समान होगा। इससे 75 साल पुराना NATO गठबंधन चौराहे पर आ गया है।
ट्रंप के सहयोगी ने उकसाया
इससे पहले ट्रंप के सहयोगी स्टीफन मिलर ने कहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का अधिकार है, डेनमार्क का नहीं। वाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ और ट्रंप के सलाहकार स्टीफन मिलर ने मंगलवार को ग्रीनलैंड पर डेनमार्क के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि डेनिश क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए।
मिलर ने एक बयान में कहा, "डेनमार्क किस अधिकार से ग्रीनलैंड पर नियंत्रण का दावा करता है? उनके क्षेत्रीय दावे का आधार क्या है? अमेरिका नाटो की शक्ति है। अमेरिका के लिए आर्कटिक क्षेत्र को सुरक्षित करने, नाटो और नाटो के हितों की रक्षा करने के लिए, जाहिर है कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा होना चाहिए।"
संयुक्त बयान जारी कर US की निंदा
इसके बाद मंगलवार को आठ यूरोपीय देशों के नेताओं ने डेनमार्क और उसके ऑटोनॉमस रीजन, ग्रीनलैंड का पुरजोर समर्थन किया। फ्रांस, जर्मनी, इटली, पोलैंड, स्पेन, डेनमार्क और ब्रिटेन के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर अमेरिकी योजना की निंदा की। बयान में कहा गया, "ग्रीनलैंड यहां के लोगों का है। डेनमार्क और ग्रीनलैंड से जुड़े मामलों पर फैसला करने का अधिकार सिर्फ डेनमार्क और ग्रीनलैंड का है।" बयान में कहा गया है कि आर्कटिक में किसी देश की सुरक्षा नाटो सहयोगियों के साथ मिलकर हासिल की जानी चाहिए।”
'यह यूरोप के साथ युद्ध जैसा होगा…'
वहीं व्यक्तिगत रूप से यूरोपीय नेताओं ने अधिक मजबूत बयान दिए हैं। जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करता है तो यह यूरोप के साथ युद्ध जैसा होगा। उन्होंने कहा है कि अगर डेनमार्क पर अमेरिका हमला करता है तो डेनमार्क की रक्षा करने की जिम्मेदारी नाटो सदस्यों की होगी। उन्होंने कहा, “ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा है और चूंकि डेनमार्क नाटो का सदस्य है, इसलिए सैद्धांतिकत रूप से ग्रीनलैंड भी नाटो की सुरक्षा के अधीन होगा।” वहीं डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा है कि ग्रीनलैंड पर अमेरिका का कोई भी हमला नाटो के खत्म होने की वजह बनेगा।
गौरतलब है कि ग्रीनलैंड 1721 से 1953 तक डेनिश कॉलोनी था। हालांकि अब ग्रीनलैंड डेनमार्क साम्राज्य के भीतर एक स्वायत्त घटक देश है। यह काफी हद तक स्व-शासित है। हालांकि डेनमार्क ग्रीनलैंड के विदेश मामले, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा, और मौद्रिक नीति को नियंत्रित करता है।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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