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यह शर्म की बात है... नए गोल्ड कार्ड सिस्टम पर भारतीयों के बारे में क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप, एक फायदे की बात

यह शर्म की बात है... नए गोल्ड कार्ड सिस्टम पर भारतीयों के बारे में क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप, एक फायदे की बात

संक्षेप:

वाइट हाउस में बोलते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि नया अमेरिकी वीज़ा प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को बहुत ज़्यादा पढ़े-लिखे, स्किल्ड और टैलेंटेड इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को हायर करने में पक्का भरोसा देगा और मदद करेगा।

Dec 11, 2025 03:56 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, वाशिंगटन
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक पूंजी और प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए बुधवार को नए 'गोल्ड कार्ड नागरिकता' के लिए आवेदनों की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा करते हुए दावा किया कि नई व्यवस्था उस "बेकार और पुरानी" व्यवस्था को खत्म कर देगा, जो उच्च कौशल प्रतिभाओं को पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका छोड़ने पर मजबूर करता था। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का वित्तीय और रणनीतिक महत्व है क्योंकि इससे अमेरिका में प्रवास और आर्थिक परिदृश्य बदलने की उम्मीद है।

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ट्रंप ने स्किल्ड टैलेंट के अमिरेका छोड़ने पर कहा कि यह शर्म की बात है कि भारत और चीन जैसे देशों के स्टूडेंट्स को टॉप यूएस यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने के बाद अमेरिका छोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नई इमिग्रेशन पहल कंपनियों को देश में ऐसे टैलेंट को हायर करने और यहीं बनाए रखने में मदद करेगी।

US कंपनियों को टैलेंट हायर करने में होगी आसानी

वाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि नया वीज़ा प्रोग्राम अमेरिकी कंपनियों को बहुत ज़्यादा पढ़े-लिखे इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को हायर करने में पक्का भरोसा देगा और मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अपनी क्लास में टॉप करने और ग्रेजुएट होने के बावजूद सालों तक ऐसी कई प्रतिभाओ को इमिग्रेशन की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था लेकिन नए नियम की वजह से अमेरिकी कंपनियां इन टैलेंट को आसानी से हायर कर सकेंगी।

भारतीयों को जाना पड़ता था वापस

ट्रंप ने कहा, “यह हमारे देश में किसी बेहतरीन इंसान के आने का तोहफा है, क्योंकि हमें लगता है कि ये कुछ बहुत अच्छे लोग होंगे जिन्हें यहां रहने की इजाज़त नहीं मिलती। वे कॉलेज से ग्रेजुएट होते हैं, लेकिन उन्हें भारत वापस जाना पड़ता था, या चीन वापस जाना पड़ता है, उन्हें फ्रांस वापस जाना पड़ता है। उन्हें वहीं वापस जाना पड़ता है, जहां से वे आए थे। रहना बहुत मुश्किल है। यह शर्म की बात है। यह एक बेकार बात है। हमने इसका ध्यान रखा है।”

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ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर यह जानकारी साझा करते हुए इसे अपने दूसरे कार्यकाल के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने पोस्ट किया, "अमेरिका सरकार का ट्रंप गोल्ड कार्ड आज से आरंभ ! सभी योग्य लोगों के लिए नागरिकता का एक सीधा रास्ता। बहुत रोमांचक! हमारी महान अमेरिकी कंपनियां आखिरकार अपनी अमूल्य प्रतिभा को अपने पास रख सकती हैं।" उन्होंने कहा कि आवेदन पोर्टल पर कुछ ही मिनटों में खुल जाएगा।

तीन श्रेणियों में से कोई विकल्प चुन सकते हैं

ट्रंप के इस गोल्ड कार्ड नागरिकता पहल का आधार सितंबर का एक कार्यकारी आदेश है। इस कार्यकारी आदेश ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़ा आर्थिक योगदान देने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए 'फास्ट ट्रैक' स्थाई निवास प्राप्त करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस नए ढांचे के तहत, आवेदक तीन श्रेणियों में से कोई विकल्प चुन सकते हैं- ट्रंप गोल्ड कार्ड, ट्रंप कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड और ट्रंप प्लेटिनम कार्ड। इनमें से प्रत्येक को त्वरित कार्ड प्राप्त करने के बदले में एक बड़ी राशि का भुगतान करना होगा।

व्यक्तिगत आवेदकों को 9 करोड़ रुपये देने होंगे

व्यक्तिगत आवेदकों को ट्रंप गोल्ड कार्ड के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 9 करोड़ रुपये की एकमुश्त राशि देनी होगी और डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) को 15,000 अमेरिकी डॉलर का प्रोसेसिंग शुल्क भी देना होगा। आवश्यक या अत्यधिक कुशल कर्मचारियों के लिए त्वरित ग्रीन कार्ड चाहने वाली कंपनियां ट्रंप कॉर्पोरेट गोल्ड कार्ड का विकल्प चुन सकती हैं। इसके लिए 15,000 डॉलर के डीएचएस शुल्क के अलावा 20 लाख अमेरिकी डॉलर के भुगतान की आवश्यकता होगी। यह कॉर्पोरेट कार्ड एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी को भी स्थानांतरित किया जा सकता है जिसके लिए पांच प्रतिशत स्थानांतरण शुल्क देना होगा तथा डीएचएस द्वारा कर्मचारी के पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी।

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इस कार्यक्रम में सबसे उच्चतम श्रेणी है ट्रंप प्लेटिनम कार्ड की। इसके लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर के भुगतान के साथ 15,000 अमेरिकी डॉलर का प्रोसेसिंग शुल्क आवश्यक है। कार्डधारक विदेशी आय पर कर दिए बिना अमेरिका में साल में 270 दिनों तक रह सकता है। इसके अतिरिक्त आवेदन जमा करने के बाद संयुक्त राज्य नागरिकता और इमिग्रेशन सेवा (यूएससीआईएस) आवेदक और उसके परिवार के किसी भी सदस्य की पृष्ठभूमि की व्यापक जांच करेगी। (एजेंसी इनपुट्स के साथ)

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen
भूगोल में पीएचडी और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि धारक। ईटीवी से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार पत्रकारिता करियर की शुरुआत। कई हिंदी न्यूज़ चैनलों (इंडिया न्यूज, फोकस टीवी, साधना न्यूज) की लॉन्चिंग टीम का सदस्य और बतौर प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में काम करने के बाद डिजिटल पत्रकारिता में एक दशक से लंबे समय का कार्यानुभव। जनसत्ता, एनडीटीवी के बाद संप्रति हिन्दुस्तान लाइव में कार्यरत। समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक जगत के अंदर की खबरों पर चिंतन-मंथन और लेखन समेत कुल डेढ़ दशक की पत्रकारिता में बहुआयामी भूमिका। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और संपादन। और पढ़ें

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