लेबनान में मासूमों की जान ले रहा इजरायल, पिता को दफनाने आई बेटी भी घायल
लेबनान में एक दिल दहलाने वाला वाकया सामने आया है। यहां पर एक डेढ़ साल की बच्ची की इजरायली गोलीबारी में मौत हो गई। मारी गई बच्ची का नाम तालीन सईद है। वहीं, पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने गई अलीना बुरी तरह से घायल हो गई है।
लेबनान में एक दिल दहलाने वाला वाकया सामने आया है। यहां पर एक डेढ़ साल की बच्ची की इजरायली गोलीबारी में मौत हो गई। मारी गई बच्ची का नाम तालीन सईद है। वहीं, पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने गई अलीना बुरी तरह से घायल हो गई है। पिछले हफ्ते दक्षिणी लेबनान में हुई गोलीबारी में अलीना बाल-बाल बची थी। इसी हमले में उसके पिता की मौत हो गई थी। अब इस नए हमले में अलीना की नवजात बहन और अन्य रिश्तेदारों की मौत हो गई।
सरीफा गांव में सईद के परिवार पर यह हमला बुधवार को हुआ था। यह अमेरिका और ईरान युद्ध के बीच सीजफायर का पहला दिन था। लेबनान के लोगों को उम्मीद थी कि इस सीजफायर का फायदा उन्हें भी मिलेगा। लेकिन इजरायल ने लगातार हमले करके 350 से ज्यादा लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इसमें सईद फैमिली के लोग भी शामिल थे। अलीना के 64 वर्षीय दादा, नासेर सईद ने कहाकि उन लोगों ने कहा था कि सीजफायर हुआ है। सभी अन्य लोगों की तरह हम भी अपने गांव गए थे। हम प्रार्थना के बाद अपने घर में थे कि अचानक जैसे हमारे ऊपर तूफान की बारिश हो गई।
शोक मना रहे परिजन
रविवार को, वह दक्षिणी बंदरगाह शहर टायरे में अन्य रिश्तेदारों के साथ हरे कपड़े में लिपटे शवों को लेने के लिए शामिल हुआ था। इनमें से एक, उनकी पोती तालीन, अलीना की बहन थी। वह अभी दो साल की नहीं हुई थी। अपने सिर और दाहिने हाथ पर पट्टियों और चेहरे पर खरोंच के साथ, सईद चुपचाप शोक मना रहा था। उनके आसपास तमाम महिलाएं आसमान की तरफ सिर उठाकर गम मना रही थीं।
लेबनान में यह युद्ध 2 मार्च को शुरू हुआ, जब लेबनानी सशस्त्र समूह हिज्बुल्लाह ने अपने संरक्षक ईरान का समर्थन करते हुए इजरायली ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद से ही इजरायल ने लेबनान में हवाई और जमीनी हमले तेज कर दिए हैं। इजरायली अभियान में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। इनमें 165 बच्चे और लगभग 250 महिलाएं शामिल हैं। बुधवार लेबनान के हाल की इतिहास के सबसे घातक दिनों में से एक था।
क्या हमारी जान की कोई कीमत नहीं
सईद ने मीडिया से बात करते हुए कहाकि यह युद्ध अपराध है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ह्यूमन राइट्स नाम की कोई चीज है या नहीं। क्या बच्चों की जान की भी कोई कीमत नहीं है? अगर इजरायल में कोई बच्चा घायल भी हो जाता है तो पूरी दुनिया के लोग उठ खड़े होते हैं। क्या हम लोग इंसान नहीं हैं? हम भी तो उन्हीं की तरह हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर जारी बयान में आईडीएफ ने बताया कि वायुसेना हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचों पर हमले जारी रखे हुए है और दक्षिण लेबनान में सक्रिय जमीनी सेना की सहायता कर रही है। इसके अतिरिक्त, इजरायली नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिशों को विफल करने के लिए हिजबुल्लाह के लॉन्चर्स को भी नष्ट किया जा रहा है। सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए आईडीएफ ने एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है, जिसमें जंगली इलाकों में स्थित कई इमारतों और सैन्य प्रतिष्ठानों को मलबे में तब्दील होते दिखाया गया है।
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Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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