इजरायल ने खामेनेई को मारने के लिए दागी सबसे खतरनाक मिसाइल, क्या है ब्लू स्पैरो?

Mar 06, 2026 03:03 pm ISTJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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इजरायल ने एक बेहद समन्वित ऑपरेशन के तहत ईरान पर हमला किया था जिसमें खुफिया जानकारी और सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इस हमले में खामेनेई के अलावा ईरान के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए।

इजरायल ने खामेनेई को मारने के लिए दागी सबसे खतरनाक मिसाइल, क्या है ब्लू स्पैरो?

अमेरिका और इजरायल ने बीते 28 फरवरी को ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इस ऑपरेशन में ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अब इस हमले को लेकर कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले में इजरायल ने सबसे खतरनाक माने जाने वाले ‘ब्लू स्पैरो मिसाइल’ का इस्तेमाल किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मिसाइल पहले पृथ्वी के वायुमंडल के नजदीक तक जाती है और फिर बहुत तेज रफ्तार से अपने लक्ष्य की ओर लौटती है। इससे इसे रोकना काफी मुश्किल माना जाता है। इस वजह से इसे ‘मिसाइल फ्रॉम स्पेस’ का भी नाम दिया गया है। कथित तौर पर ईरान ने यह मिसाइल तब दागी जब तेहरान में सैन्य नेतृत्व की एक अहम बैठक चल रही थी।

क्या है ब्लू स्पैरो मिसाइल?

ब्लू स्पैरो मिसाइल को इजरायल ने ही तैयार किया है। यह एक एडवांस एयर लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल है। द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मिसाइल की मारक दूरी लगभग 1,240 मील यानी करीब 2,000 किलोमीटर है। मिसाइल की लंबाई करीब 6.5 मीटर है और इसका वजन लगभग 1.9 टन के करीब है।

यह मिसाइल आमतौर पर लड़ाकू विमान से लॉन्च की जाती है और बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी पर आगे बढ़ती है। इसके बाद यह एक री-एंट्री व्हीकल छोड़ती है जो बेहद तेज गति से लक्ष्य पर हमला करता है। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि स्पैरो मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग वर्जन को इस तरह विकसित किया गया है कि लड़ाकू विमान दूर से ही बैलिस्टिक स्टाइल के हथियार लॉन्च कर सकें। इससे भारी एयर डिफेंस वाले इलाकों में भी हमला किया जा सकता है और विमान को सीधे खतरे में आने की जरूरत नहीं पड़ती।

ईरान पर कब हुआ हमला?

इजरायल ने तेहरान में जिस सटीकता से हमला किया, उससे यह स्पष्ट है कि यह एक बेहद समन्वित ऑपरेशन था जिसमें खुफिया जानकारी, निगरानी और सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार सुबह 28 फरवरी की सुबह करीब साढ़े 7 बजे इजरायली F-15 लड़ाकू विमान और अन्य विमान मिशन पर भेजे गए। इसके लगभग दो घंटे बाद इन विमानों ने खामेनेई से जुड़े परिसर पर करीब 30 मिसाइलें दागीं, जिनमें ब्लू स्पैरो सिस्टम भी शामिल थे। उस समय परिसर में ईरान के कई वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मौजूद थे। हमले में खामेनेई की मौत हो गई।

Jagriti Kumari

लेखक के बारे में

Jagriti Kumari

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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