ईरान युद्ध के बीच इजरायल ने खोद डाला कब्रिस्तान, 40 साल पहले खोए पायलट की तलाश, क्या मिला?

Mar 07, 2026 11:36 pm ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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इजरायली सेना ने 40 साल पहले खोये पायलट रॉन अराद के अवशेषों का पता लगाने के लिए शुक्रवार को लेबनान में एक स्पेशल मिशन को अंजाम दिया। रॉन अराद 1986 में हिज्बुल्लाह के खिलाफ चलाए गए एक मिशन का हिस्सा थे। इस मिशन के दौरान उनके हेलीकॉप्टर को मार गिराया गया था, वह तभी से लापता हैं।

ईरान युद्ध के बीच इजरायल ने खोद डाला कब्रिस्तान, 40 साल पहले खोए पायलट की तलाश, क्या मिला?

ईरान में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने पूर्वी लेबनान के अंदर एक ऑपरेशन को अंजाम दिया है, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हैं। ईरान के साथ-साथ लगातार लेबनान पर बम बरसा रहीं इजरायली सेना ने शुक्रवार की रात अपनी एक स्पेशल यूनिट के साथ एक स्थानीय कब्रिस्तान के ऊपर धावा बोल दिया। यूनिट का टारगेट था, 40 साल पहले लापता हुए इजरायली फाइटर पायलट रॉन अराद के अवशेषों को खोजना।

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार की रात इजरायली सेना ने हिज्बुल्लाह लड़ाकों द्वारा किए गए कुछ प्रतिरोध के बावजूद इस मिशन को अंजाम दिया। अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि उनका यह अभियान अराद के अवशेषों को ढूंढ़ने के लिए था। हालांकि, उन्हें अराद के अवशेष नहीं मिले। सेना ने संकेत दिए कि वह अराद के अवशेषों की खोज लगातार करती रहेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना का यह ऑपरेशन लेबनान की बेका घाटी के नबीशीत गांव में हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक इजरायली कमांडो चार हेलीकॉप्टरों में सवार होकर कब्रिस्तान के बाहर उतरे और उन्होंने अंदर जाकर एक कब्र को खोदना शुरू कर दिया। कुछ देर तक लगातार वहां पर काम करने के बाद इजरायली सैनिक वहां से वापस लौट गए। एक स्थानीय रिपोर्टर के मुताबिक, लोगों का मानना है कि अराद की मौत के बाद उन्हें यहीं कहीं दफनाया गया है। इस घटना के 40 साल बाद भी इजरायल अपने फाइटर पायलट के शव की तलाश कर रहा है।

क्या है रॉन अराद का मामला?

इजरायली पायलट रॉन अराद 1986 में हिज्बुल्लाह के खिलाफ चलाए गए एक मिशन का हिस्सा थे। इस मिशन के दौरान ही उनके हेलीकॉप्टर को लेबनान के ऊपर मार गिराया गया। इसके बाद से रॉन लापता हो गए, इजरायल की तमाम कोशिशों के बाद भी उनका पता नहीं लगाया जा सका। स्थानीय लोगों के बीच में यह मान्यता है कि इस घटना के बाद ही रॉन की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उन्हें बेका घाटी में ही दफन कर दिया गया, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

40 साल के समय के बाद भी इजरायल लगातार अपने पायलट की या उसके अवशेषों की तलाश कर रहा है। इजरायली खुफिया एजेंसी ने इसके लिए कई अभियान भी चलाए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, अराद के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए पहले हिज्बुल्ला से जुड़े कुछ लोगों को भी इजरायली एजेंटों द्वारा हिरासत में लिया गया था। लेकिन इसके बाद भी कुछ हाथ नहीं लगा।

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