जंग का ऐसा असर, इस्लाम में तीसरी सबसे पवित्र जगह रमजान के जुमे पर भी पड़ी रही सूनी

Mar 06, 2026 10:29 pm ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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रमजान के पहले दो शुक्रवारों में इजरायल ने वेस्ट बैंक से आने वाले फिलिस्तीनियों को सीमित संख्या में (लगभग 10,000) अल-अक्सा में नमाज अदा करने की इजाजत दी थी, लेकिन अब ईरान युद्ध के कारण स्थिति बदल गई है।

जंग का ऐसा असर, इस्लाम में तीसरी सबसे पवित्र जगह रमजान के जुमे पर भी पड़ी रही सूनी

इजरायल ने रमजान के शुक्रवार की नमाज के लिए अल-अक्सा मस्जिद पर मुसलमानों को एंट्री नहीं दी। ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच सुरक्षा कारणों से यह फैसला लिया गया। यरुसलम के पुराने शहर में स्थित यह स्थल यहूदियों के लिए सबसे पवित्र और मुसलमानों के लिए इस्लाम का तीसरा सबसे अहम धार्मिक स्थल है, जहां अल-अक्सा मस्जिद और डोम ऑफ द रॉक स्थित हैं। इजरायली अधिकारियों ने घोषणा की कि शुक्रवार को पुराने शहर के सभी पवित्र स्थलों (अल-अक्सा मस्जिद, वेस्टर्न वॉल और चर्च ऑफ द होली सेपल्कर को बंद रखा जाएगा। किसी भी धर्म के श्रद्धालु या आगंतुकों को प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह फैसला इजरायल के होम फ्रंट कमांड के निर्देशों के अनुसार लिया गया, ताकि जन सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रमजान के पहले दो शुक्रवारों में इजरायल ने वेस्ट बैंक से आने वाले फिलिस्तीनियों को सीमित संख्या में (लगभग 10,000) अल-अक्सा में नमाज अदा करने की इजाजत दी थी, लेकिन अब ईरान युद्ध के कारण स्थिति बदल गई है। युद्ध 1 मार्च से शुरू हुआ, जब ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।

बड़ी संख्या में आते थे मुसलमान

एक ईरानी वारहेड टेंपल माउंट से कुछ सौ मीटर दूर गिरा था, जिससे सुरक्षा खतरा बढ़ गया। इजरायली सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल हिशाम इब्राहिम ने कहा कि ईरान के नेतृत्व वाला 'मौत का गठबंधन' लगातार रॉकेट हमले कर रहा है, जो सभी की जान को खतरे में डाल रहा है। इसलिए सार्वजनिक सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। यह फैसला रमजान के दौरान अल-अक्सा में शुक्रवार की नमाज पर पहली बार रोक लगाने वाला है। पहले दो हफ्तों में बड़ी संख्या में मुसलमान वहां नमाज पढ़ने आते थे, लेकिन अब पुराने शहर में केवल निवासियों और दुकानदारों को ही प्रवेश मिल रहा है।

इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल

अल-अक्सा मस्जिद यरुशलम के पुराने शहर में स्थित इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल है, जो मक्का और मदीना के बाद आता है। यह टेंपल माउंट (हरम अल-शरीफ) परिसर में दक्षिणी हिस्से में बनी मुख्य क़िबली मस्जिद है, जिसका परिसर लगभग 35 एकड़ में फैला है। इस्लामी परंपरा के अनुसार, पैगंबर मुहम्मद साहब की इस्रा और मेराज की रात की यात्रा यहीं से हुई, जहां उन्होंने अन्य पैगंबरों के साथ नमाज अदा की और फिर स्वर्ग की सैर की। 7वीं शताब्दी में खलीफा उमर और बाद में उमयाद खलीफा अब्दुल मलिक के समय इसका निर्माण हुआ। यह मुसलमानों के लिए बेहद अहम है, वहीं यहूदी इसे प्राचीन मंदिर का स्थान मानते हैं और ईसाई भी इससे जुड़े हैं। आज यह इजरायल-फिलिस्तीन विवाद का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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