ईरान की मदद कर रहा है रूस? सैटेलाइट तस्वीरों को लेकर जेलेंस्की ने कर दिया बड़ा दावा, क्या कहा

Mar 29, 2026 08:54 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश को इलाज के बाद वापस ड्यूटी पर भेज दिया गया है।

ईरान की मदद कर रहा है रूस? सैटेलाइट तस्वीरों को लेकर जेलेंस्की ने कर दिया बड़ा दावा, क्या कहा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि रूस ने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की उपग्रह तस्वीरें हमले से ठीक पहले कई बार ली थीं और यह जानकारी ईरान के साथ साझा की गई हो सकती है। इस दावे ने पहले से ही तनावपूर्ण अंतरराष्ट्रीय माहौल को और गंभीर बना दिया है। जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में यह सामने आया है कि रूस के सैटेलाइट ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस की 20 मार्च, 23 मार्च और 25 मार्च को तस्वीरें ली थीं। इसके ठीक एक दिन बाद 26 मार्च को ईरान ने इस एयरबेस पर हमला किया।

बताया गया है कि इस हमले में ईरान ने छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे। इस हमले में कम से कम 15 सैनिक घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई गई है। यह एयरबेस अमेरिका और सऊदी अरब दोनों की सेनाओं के लिए महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकाना है।

जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के अनुभव के अनुसार, रूस द्वारा किसी स्थान की बार-बार सैटेलाइट इमेजिंग करना संभावित हमले का संकेत होता है। उन्होंने कहा, “अगर वे एक बार तस्वीर लेते हैं तो तैयारी होती है, दूसरी बार लेते हैं तो वह अभ्यास जैसा होता है और तीसरी बार का मतलब है कि एक-दो दिनों में हमला हो सकता है।”

हालांकि, इस दावे के समर्थन में अभी तक कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया गया है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूक्रेन ने यह जानकारी कैसे प्राप्त की। फिर भी इस बयान को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है, क्योंकि इससे रूस और ईरान के बीच संभावित सैन्य सहयोग की आशंकाएं बढ़ती हैं।

जेलेंस्की इस समय खाड़ी देशों के दौरे पर हैं, जहां वे अपने देश की एयर डिफेंस प्रणालियों को साझा करने और सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते करने की कोशिश कर रहे हैं। यूक्रेन की ये प्रणालियां रूस के साथ चल रहे युद्ध में परखी जा चुकी हैं और अब उन्हें ईरानी मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना कर रहे देशों के लिए उपयोगी बताया जा रहा है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस दौरान 300 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हो चुके हैं, जिनमें से अधिकांश को इलाज के बाद वापस ड्यूटी पर भेज दिया गया है, जबकि कम से कम 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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