ट्रंप के लिए बैड लक बने वेंस? जिसे छुआ वही हुआ बर्बाद; हंगरी में ओर्बन की हार के बाद हो रहे वायरल

Apr 14, 2026 07:05 am ISTUpendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका की तरफ से प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता के रूप में वेंस ईरान पहुंचे थे, लेकिन वार्ता असफल हो गई। इससे पहले वैंस ही हंगरी में ओर्बन का प्रचार करने के लिए पहुंचे थे, लेकिन वहां भी ओर्बन हार गए। वैंस पोप से मिलने के लिए भी गए थे, बाद में उनकी मौत हो गई।

ट्रंप के लिए बैड लक बने वेंस? जिसे छुआ वही हुआ बर्बाद; हंगरी में ओर्बन की हार के बाद हो रहे वायरल

अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वैंस इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। लोगों का कहना है कि वेंस जिस भी अभियान में अमेरिका का नेतृत्व करते हैं, वाशिंगन उसी अभियान में विफल हो जाता है। इस आरोप के पीछे लोगों ने ईरान की शांति वार्ता और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की करारी हार का भी उदाहरण दिया है।

अमेरिका की तरफ से प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता के रूप में वैंस ईरान पहुंचे थे, लेकिन वार्ता असफल हो गई। ईरान युद्ध से निकलने की कोशिश कर रहे अमेरिका के लिए यह एक बड़ा झटका था। ऐसे ही जेडी वेंस हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन का चुनावी प्रचार करने के लिए पहुंचे थे। उनके इस अभियान को यूरोपीय देशों की राजनीति में अमेरिकी हस्तक्षेप के रूप में देखा गया था। अब विक्टर ओर्बन को चुनावी हार में करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद वैंस को तीखी आलोचना और उपहास का सामना करना पड़ रहा है। लोग सोशल मीडिया पर उनका मजाक उड़ाते हुए कह रहे हैं कि वेंस जिस भी चीज को हाथ लगाते हैं वही बर्बाद हो जाती है।

मागा विरोधी रैली के प्रवक्ता रॉन फिलिपकोव्स्की ने एक एक पोस्ट के जरिए उपराष्ट्रपति वैंस के हालिया कारनामों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, “उन्होंने जर्मनी में दक्षिण पंथी पार्टी एएफडी के लिए प्रचार किया वे हार गए। ट्रंप के बड़े कार्यक्रम के लिए पोप को अमेरिका आने का न्योता दिया, पोप ने इनकार कर दिया। ईरान के साथ शांति वार्ता का नेतृत्व किया बुरी तरह असफल रहे। हंगरी में ओर्बन के लिए प्रचार किया ओर्बन बुरी तरह हार गए। उनकी निरंतरता के लिए उन्हें श्रेय देना ही होगा। लगातार अक्षम रहना उतना आसान नहीं है जितना वह दिखाते हैं।” रॉन की इस पोस्ट पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा, "वह जिस भी चीज को छूते हैं, वह भ्रष्ट हो जाती है।"

कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूज़ोम, जो ट्रम्प के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं, ने कहा, “जेडी वैंस ने 48 घंटों में दो बार साबित कर दिया कि वह कमज़ोर हैं। हंगरी के लोगों को बधाई। आज लोकतंत्र, प्रेस की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की जीत हुई है। उम्मीद की किरण जगी है।” ओर्बन, जिन्हें वैंस ने पिछले सप्ताह की रैली में “यूरोप के इकलौते सच्चे राजनेताओं में से एक” कहा था, भ्रष्टाचार, हंगरी की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और मॉस्को से उनके घनिष्ठ संबंधों को लेकर फैले आक्रोश के बीच सत्ता से बेदखल कर दिए गए। मैग्यार की जीत का यूरोपीय नेताओं और यूक्रेन ने स्वागत किया।

आपको बात दें, वैंस अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा के लिए 21 अप्रैल 2025 को भारत आए थे। अगले ही दिन पहलगाम में आतंकी हमला हो गया था और उसके बाद भारत और पाकिस्तान एक संघर्ष में उलझ गए थे। इसके अलावा आखिरी पोप के निधन से ठीक पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने ही उनसे मुलाकात की थी।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

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