ईरान ने निभाई भारत से दोस्ती, होर्मुज पर टोल टैक्स वसूलने से इनकार; क्या कहा

Apr 14, 2026 07:21 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि होर्मुज में फंसे 15 भारतीय ध्वज वाले पोतों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने पोतों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।

ईरान ने निभाई भारत से दोस्ती, होर्मुज पर टोल टैक्स वसूलने से इनकार; क्या कहा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर तनाव के बीच भारत के लिए खुशखबरी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज से भारतीय जहाजों से गुजरने के लिए कोई टोल नहीं वसूला जा रहा है। साथ ही कहा कि भारतीय जहाजों को भविष्य में भी सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। खास बात है कि यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और होर्मुज जलमार्ग पर नाकेबंदी का ऐलान किया है। सीजफायर के बाद भी कहा जा रहा था कि ईरान और ओमान टोल टैक्स वसूल सकते हैं।

दूतावास में पत्रकारों से बातचीत में भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने कहा, 'आप भारत सरकार से पूछ सकते हैं कि क्या हमने अब तक कोई रकम वसूली है या नहीं।' उन्होंने कहा, 'इस मुश्किल समय में हमारे अच्छे संबंध हैं। हमारा मानना है कि भारत और ईरान हित साझा कर सकते हैं।'

सुरक्षित रास्ता देने का वादा

न्यूज18 से बातचीत में फताली ने कहा कि भारतीय जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'भारत सरकार के साथ ईरान के रिश्ते बहुत मजबूत और भरोसेमंद हैं। मुश्किल समय में भारत ने खुद को एक समझदार और विश्वसनीय साथी साबित किया है, और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक रिश्ते आज भी बहुत गहरे हैं।'

उन्होंने कहा, 'भविष्य में भी भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकलने दिया जाएगा।' उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही ईरान एक व्यवस्था का ऐलान करेगा, जिसमें जहाजों के निकलने की प्रक्रिया बताई जाएगी।

फंसे हैं 15 भारतीय जहाज

बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि होर्मुज में फंसे 15 भारतीय ध्वज वाले पोतों को वापस लाने के प्रयास जारी हैं। अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि हम विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर अपने पोतों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। जैसे ही हालात अनुकूल होंगे और पोतों को होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजरने की अनुमति मिलेगी, उन्हें वापस लाया जाएगा। फिलहाल कुल 15 भारतीय ध्वज वाले और भारतीय स्वामित्व वाले पोत वहां मौजूद हैं।

कई देश नाकेबंदी के खिलाफ

ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर कई देशों ने समर्थन नहीं किया। ब्रिटेन के खुलकर कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करेगा। जापान ने होर्मुज में माइनस्वीपर तैनाती का फैसला टाल दिया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि उन्हें अमेरिका की तरफ से इसको लेकर कोई संदेश नहीं मिला है।

खबर है कि फ्रांस और ब्रिटेन होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को यह घोषणा की।

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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