ईरान-अमेरिका समझौते की फिर जगी उम्मीद, ईरानी विदेश मंत्री की पोस्ट शेयर करके क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने पोस्ट में लिखा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के अंतिम रूप के करीब पहुंच रहा है। इस बीच मीडिया और विश्लेषकों को इसके संभावित मसौदे पर अटकलें लगाने से बचना चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव को समाप्त करने के लिए शांति समझौता अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि दोनों देशों के बीच शुरुआती समझौता यानी इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन अब तक के सबसे करीब है। इस बयान की अहमियत तब और बढ़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अराघची के इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर साझा कर दिया। यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच अंदरूनी बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने पोस्ट में लिखा कि इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के अंतिम रूप के करीब पहुंच रहा है। इस बीच मीडिया और विश्लेषकों को इसके संभावित मसौदे पर अटकलें लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, ईरान सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ समझौते के सभी विवरण सार्वजनिक करेगी। दोनों देशों के बीच यह बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मध्यस्थता के जरिए हो रही है, जिससे इस युद्ध विराम समझौते की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।
14 सूत्रीय मसौदे पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब कुछ ही घंटों पहले दोनों देशों के बीच बयानों का तीखा टकराव देखने को मिला था। दरअसल, ईरानी मीडिया ने एक कथित 14 सूत्रीय मसौदा प्रकाशित कर दिया था, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। इस रिपोर्ट पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क गए थे और उन्होंने ईरानी मीडिया की खबरों को झूठा बताते हुए कहा था कि जो बातें लीक की गई हैं, उनका लिखित रूप से तय शर्तों से कोई लेना-देना नहीं है। ट्रंप ने इस लीक को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था, लेकिन बाद में ईरानी विदेश मंत्री के सकारात्मक पोस्ट को शेयर कर उन्होंने बातचीत जारी रहने का संकेत दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह संभावित शांति समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था और मध्य पूर्व में स्थिरता के लिए बेहद अहम है। फरवरी में शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों और समुद्री व्यापार मार्गों को भारी नुकसान पहुंचाया है। अगर यह समझौता अंतिम रूप लेता है, तो इसके तहत ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में ढील मिल सकती है। तेहरान की विदेशों में जमीं हुई अरबों डॉलर की संपत्ति बहाल हो सकती है और पूरे क्षेत्र में जारी सैन्य मोर्चों पर शांति स्थापित हो सकती है। फिलहाल दोनों देश अंतिम दस्तावेजों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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