स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब बाब अल-मंदेब पर ईरान की नजर, बढ़ सकते हैं तेल के दाम
होर्मुज के बाद यदि बाब-अल-मंदेब भी अस्थिर होता है तो यह अमेरिका-ईरान संघर्ष का नया फ्लैशपॉइंट बन सकता है। यमन की भौगोलिक स्थिति और हूती गतिविधियों के चलते यह जलमार्ग पहले भी 2023-24 के दौरान कई बार बाधित हो चुका है।
Strait Of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी तनाव के बीच ईरान ने अब एक और अहम वैश्विक समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब पर अपना ध्यान केंद्रित करने के संकेत दिए हैं। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ के हालिया बयान ने संकेत दिया है कि यह रणनीतिक जलमार्ग अब तनाव का अगला केंद्र बन सकता है।
28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच टकराव बढ़ गया, जिसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है। यह मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति रास्तों में से एक है और इसके बाधित होने से पहले ही वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ चुकी है। अब बाब-अल-मंदेब पर संभावित तनाव से स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्या है स्ट्रेट ऑफ बाब-अल-मंदेब?
स्ट्रेट ऑफ बाब-अल-मंदेब लाल सागर को एडन की खाड़ी से जोड़ता है। इसके एक ओर यमन स्थित है, जो इसे अत्यधिक संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है। यह मार्ग यूरोप और एशिया के बीच व्यापार का प्रमुख समुद्री रास्ता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, एलएनजी, गेहूं, चावल और उर्वरक का दुनिया के विभिन्न देशों में परिवहन होता है।
यमन के हूती विद्रोही पहले ही इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले की धमकी दे चुके हैं। इन्हें ईरान समर्थित एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का हिस्सा माना जाता है। अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से हूती समूह ने मिसाइल, ड्रोन और विस्फोटक नौकाओं के जरिए लाल सागर और एडन की खाड़ी में कई व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाया है। हाल ही में 28 मार्च को हूतियों ने इजरायल की ओर मिसाइल दागी, जो मौजूदा तनाव के बाद उनकी पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई थी।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि बाब-अल-मंदेब में व्यवधान पैदा होता है तो इसका असर वैश्विक तेल कीमतों, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार लागत पर व्यापक रूप से पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल कोई औपचारिक नाकेबंदी नहीं है, लेकिन छिटपुट हमलों और धमकियों ने पहले ही शिपिंग कंपनियों के लिए जोखिम और बीमा लागत बढ़ा दी है।
नया फ्लैशपॉइंट बनने की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, होर्मुज के बाद यदि बाब-अल-मंदेब भी अस्थिर होता है तो यह अमेरिका-ईरान संघर्ष का नया फ्लैशपॉइंट बन सकता है। यमन की भौगोलिक स्थिति और हूती गतिविधियों के चलते यह जलमार्ग पहले भी 2023-24 के दौरान कई बार बाधित हो चुका है।
लेखक के बारे में
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