होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फंस गई बात, ईरान खोलने को तैयार, अमेरिका का इनकार

Upendra Thapak लाइव हिन्दुस्तान
share

ईरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए तैयार हो गया है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज पर से अपने ब्लाकेड को हटाने से इनकार कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान के साथ शांति समझौते पर सहमति नहीं बन जाती, तब तक ब्लाकेड जारी रहेगा।

होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फंस गई बात, ईरान खोलने को तैयार, अमेरिका का इनकार

Hormuz Strait: पश्चिम एशिया में जारी जंग अब नए स्तर पर पहुंच गई है। 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद करना शुरू कर दिया था। अब सात हफ्तों के बाद ईरान ने होर्मुज को खोलने का ऐलान कर दिया है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना स्टैंड क्लियर करते हुए होर्मुज से अपना ब्लाकेड हटाने से इनकार कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि जब तक ईरान के साथ शांति समझौते पर सहमति नहीं बन जाती, होर्मुज स्ट्रेट पर ब्लॉकेड बना रहेगा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा होर्मुज खोलने के ऐलान के बाद ट्रंप ने भी एक पोस्ट करके बयान जारी किया। उन्होंने लिखा, "स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब पूरी तरह से खुला हुआ है। यह व्यापार और जहाजों के निकलने के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन इस पर लगा हुआ अमेरिकी ब्लाकेड अभी नहीं हटेगा। यह तब तक नहीं हटेगा, जब तक कि ईरान के साथ हमारा लेन-देन पूरा नहीं हो जाता। हमें उम्मीद है कि यह जल्दी ही हो जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया जल्दी ही संपन्न हो जाएगी क्योंकि ज्यादातर मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।"

trump

इसके पहले ईरानी विदेश मंत्री ने होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खोलने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने इस खुली छूट की अवधि सीजफायर की अवधि तक बताई थी। सोशल मीडिया साइट एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लिखा, "लेबनान में हुए सीजफायर को देखते हुए सभी व्यापारिक जहाजों को होर्मुज से सुरक्षित रूप से निकलने की खुली छूट है। यह छूट सीजफायर की बाकी अवधि के लिए दी गई है। इन व्यापारिक जहाजों का पारागमन इस्लामिक गणराज्य के बंदरगाहों और समुद्री संगठन द्वारा पहले से घोषित मार्ग पर ही होगा।”

बता दें, अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को तेहरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने धीरे-धीरे करके स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों के निकलने पर पाबंदी लगा दी थी। दुनिया के लगभग 20 फीसदी ऊर्जा संचालन को संभालने वाले इस रास्ते पर प्रतिबंध की वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति बन गई थी। क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रास्ते को ताकत की दम पर खुलवाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हुए। अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही यूरोपी साथियों को नाराज करके बैठे ट्रंप ने इस युद्ध में उन्हें भी शामिल करने की कोशिश की लेकिन यूरोप के तमाम देशों ने इससे साफ इनकार कर दिया। इसके बाद जब इस्लामाबाद वार्ता फेल हुई, तो ट्रंप ने दूसरी तरफ से होर्मुज को ईरान और उसके सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया। अब लेबनान में सीजफायर के बाद ईरान ने इसे खोलने का ऐलान किया है। लेकिन ट्रंप ने इसे ईरान शांति समझौते तक बंद रखने का फैसला किया है।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।