होर्मुज स्ट्रेट बंद... टेंशन में दुनिया, अमेरिका-इजरायल की 'नो प्लान' की ब्रिटेन ने खोली पोल
मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बढ़ने और होर्मुज की नाकाबंदी से दुनिया देंशन में है। इस तनाव के बीच ब्रिटेन ने अमेरिका-इजरायल की पोल खोलकर रख दी है। ब्रिटेन की वित्त मंत्री ने अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान युद्ध को लेकर स्पष्ट निकास योजना या उद्देश्यों के अभाव पर गहरी निराशा व्यक्त किया है।

मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी से दुनिया देंशन में है। इस तनाव के बीच ब्रिटेन ने अमेरिका-इजरायल की पोल खोलकर रख दी है। ब्रिटेन की वित्त मंत्री राहेल रीव्स ने अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान युद्ध को लेकर स्पष्ट निकास योजना या उद्देश्यों के अभाव पर गहरी निराशा व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को ईरान द्वारा आंशिक रूप से बंद किए जाने के बाद भी अमेरिका और इजरायल के पास कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही, जो बेहद निराशाजनक है। स्पेन के अर्थव्यवस्था मंत्री कार्लोस कुएर्पो के साथ एक कार्यक्रम में रीव्स ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की पहले से आशंका थी, लेकिन अब आगे क्या किया जाए, इसकी कोई योजना दिखाई नहीं दे रही। यह स्थिति बेहद निराशाजनक है।
रीव्स ने आगे चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों में उछाल आने से ब्रिटिश परिवारों और व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली कोई भी सहायता घरेलू आय के आधार पर लक्षित होगी, यानी जरूरतमंदों तक ही सीमित रहेगी। जुलाई में घरेलू ऊर्जा बिलों में बढ़ोतरी की आशंका है। रीव्स ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि किसे मदद मिलेगी। हम ऐसे तरीके तलाश रहे हैं जिनसे हम लोगों की घरेलू आय के आधार पर उनकी मदद कर सकें। इस दौरान ब्रिटिश वित्त मंत्री ने जोर दिया कि ईरान संघर्ष ब्रिटेन के लिए अनचाहा बोझ है, लेकिन सरकार स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।
युद्ध और शांति, दोनों के लिए तैयार
दूसरी ओर ईरान ने साफ-साफ कहा कि अगर अमेरिका अपनी 'गैरकानूनी मांगों' से परहेज करता है और तेहरान की शर्तों को स्वीकार करता है, तो ईरान शांति वार्ता का एक और दौर शुरू करने को तैयार है। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू कर दी है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में रविवार को संपन्न हुई 21 घंटे की लंबी वार्ता बेनतीजा रही। अमेरिका और ईरान दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गतिरोध के लिए जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली ने ईरानी दूतावास में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर आप राजनयिक प्रक्रिया में प्रगति चाहते हैं तो दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार रहना होगा और गैरकानूनी मांगों से बचना होगा। इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारे उच्च पदस्थ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हम शांति और बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन यह भी जान लीजिए कि ईरान युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है। फताअली ने कहा कि वे तीन-चार दिनों में युद्ध समाप्त करना चाहते थे, लेकिन युद्ध की अवधि, दायरा और भौगोलिक स्थिति हमारे नियंत्रण में है। 42 दिनों के युद्ध के बाद आप वर्तमान स्थिति देख ही रहे हैं।
वहीं, अमेरिकी नाकेबंदी के बारे में पूछे जाने पर फताअली ने कहा कि वाशिंगटन ईरान की ताकत और सामर्थ्य से अच्छी तरह वाकिफ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारे उच्च अधिकारी सभी विकल्पों के लिए तैयार हैं और आप हमारी प्रतिक्रिया में इसे देख सकेंगे। ईरानी राजदूत ने होर्मुज स्ट्रेट को ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र का हिस्सा बताते हुए कहा कि ईरान जल्द ही इस जलमार्ग के उपयोग के लिए एक नया तंत्र घोषित करेगा।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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