ईरान के खिलाफ अमेरिका का 'ट्रंप कार्ड', ट्रेड रूट पर सीधा वार; चेतावनी के साथ निशाने पर ये देश
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोमवार को चेतावनी दी कि नए प्रतिबंधों से ईरान के सभी राजस्व स्रोत बंद किए जाएंगे। उन्होंने अन्य देशों से आर्थिक संबंध तोड़ने को कहा, वरना जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

अमेरिका ईरान के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। सोमवार को उसने नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान के लिए राजस्व के सभी संभावित सोर्स को पूरी तरह बंद करना है। उन्होंने अन्य देशों से ईरान के साथ आर्थिक संबंध समाप्त करने की अपील की और ऐसा न करने पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। बेसेंट ने कहा कि संघर्ष के दौरान अस्पष्ट स्थितियों में काम करना अब स्वीकार्य नहीं है। हालांकि उन्होंने उन देशों का नाम नहीं लिया जिन पर संभावित अमेरिकी प्रतिबंध लग सकते हैं, लेकिन ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार चीन, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात हैं।
अमेरिकी कार्रवाई का करना पड़ेगा सामना
पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के रुख को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। इस खूंखार शासन के साथ किसी भी तरह का आर्थिक संबंध रखने वालों को अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान का समर्थन करने वाले लोग वाशिंगटन के संकल्प को परखने की कीमत को कम न आंकें। कोई भी राष्ट्र हमारे तंत्र के लाभों का आनंद लेते हुए उन लोगों की मदद करने की उम्मीद नहीं कर सकता जो इसे नष्ट करना चाहते हैं। अब विश्व नेताओं के लिए समृद्धि और अलगाव, शांति और आतंक, अमेरिका और ईरान के बीच फैसला करने का समय आ गया है।
अमेरिकी डॉलर प्रणाली से हटा दिया जाएगा
इस दौरान उन्होंने दोहराया कि 'हत्यारे शासन के साथ आर्थिक संबंध' रखने वालों को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। बेसेंट ने कहा कि अमेरिका की स्थिति को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए। इस हत्यारे शासन के साथ किसी भी प्रकार का आर्थिक संबंध स्थापित करने से जिम्मेदार लोगों को अमेरिकी शक्ति के पूर्ण खतरे का सामना करना पड़ेगा। बेसेंट के अनुसार, जो देश प्रतिबंधों में शामिल नहीं होंगे, वे ईरान के ‘अलगाव में भागीदार’ होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि ईरान की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करने वाली किसी भी संस्था को अमेरिकी डॉलर प्रणाली से हटा दिया जाएगा। समय शुरू हो चुका है।
वहीं, प्रतिबंधों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में बेसेंट ने कहा कि कोई भी संस्था जो लेनदेन को सुविधाजनक बनाती है या ईरान को अपने तेल को पैसे में बदलने में मदद करती है, उसे निशाना बनाया जाएगा। वाशिंगटन का कहना है कि नए प्रतिबंध पहले से ही पूर्व प्रतिबंधों और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी से प्रभावित अर्थव्यवस्था पर और दबाव डालने के लिए हैं।
पूरी तरह तबाह हो रहा है ईरान
इसी बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में दावा किया कि ईरान पूरी तरह से ढह रहा है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन ईरान के खिलाफ जीत रहे हैं और यह राष्ट्र आर्थिक और सैन्य पतन के चक्र में फंस गया है। बता दें कि ईरान की मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। बाजार खुलते ही यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2.02 मिलियन तक गिर गई। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले से पहले भी रियाल दबाव में थी क्योंकि देश दोहरे अंकों की मुद्रास्फीति और नकारात्मक विकास का सामना कर रहा था। लगभग छह महीने से चल रहे युद्ध ने स्थिति और बिगाड़ दी है, जिससे मुद्रा बार-बार नए निचले स्तर पर पहुंच रही है।
अमेरिकी प्रयास नहीं होंगे सफल
इस बीच, ईरान ने इन नये प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका पर जोरदार हमला बोला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान पर दबाव बनाने के अमेरिकी प्रयास पहले भी विफल रहे हैं और ईरानी जनता यह दिखायेगी कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध और दृढ़ हैं। बघाई ने कहा कि ये नए कदम ट्रंप प्रशासन के गलत आकलन को दर्शाते हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर यह मान लेने का आरोप लगाया कि सैन्य आक्रामकता ईरानियों को घुटनों पर ला सकती है।


