ओमान तट के पास तेल टैंकर पर हमला, तीन भारतीय लापता; MEA ने क्या बताया?
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष में एक बार फिर से भारतीय निशाना बने हैं। ओमान तट के पास पलाऊ के झंडे वाले जहाज पर बुधवार को हमला हुआ। इस हमले के समय जहाज पर 24 भारतीय मौजूद थे। इनमें से 21 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संकट एक बार फिर से जोर पकड़ता जा रहा है। इसी बीच 24 भारतीय क्रू मेंम्बर्स के साथ ओमान तट के पास मौजूद एक तेल टैंकर पर हमला हुआ है। इस हमले के बाद 21 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन तीन अभी भी लापता है। भारत सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि सरकार, ओमान सरकार के साथ मिलकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इस पूरे घटनाक्रम पर बयान जारी करते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि पलाऊ के झंडे वाले इस जहाज के ऊपर हमला हुआ है। हमले के समय इस पर 28 क्रू मेंम्बर सवार थे। इसमें से 24 भारतीय थे, जिनमें से 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन अभी भी लापता हैं। हमले के बाद जहाज ने ओमान के सोहार बंदरगाह से लगभग 20 समुद्री मील दूर से संदेश भेजा था। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस घटना के साथ मस्कट एम्बेसी को सक्रिय कर दिया गया है। दोनों देशों के अधिकारी मिलकर लगातार राहत और बचाव कार्य कर रहे हैं।
किसने किया हमला?
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने आशंका जताई है कि यह हमला अमेरिकी मिसाइलों द्वारा हुआ है। यह मिसाइलें ईरान को काउंटर करने लिए और होर्मुज के बाहर लगी नाकेबंदी को संभालने के लिए चलाई गई थीं। कंपनी के अनुसार, ऐसे हमलों में आमतौर पर क्रू मेंम्बर्स को जहाज के अगले हिस्से में जाने के लिए कहा जाता है। इसके बाद जहाज के पिछले हिस्से को निशाना बनाया जाता है।
लेकिन तेल लेकर जा रहे इस जहाज के इंजन रूम में सीधे आकर मिसाइल लगी। इसके बाद जहाज पर आग लग गई। बाद में राहत और बचाव कर्मियों ने क्रू मेंम्बर्स को बचाया।
भारत ने फिर किया शांति का आह्वान
विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि इस संघर्ष की वजह से होर्मुज के क्षेत्र के आसपास जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं। जारी बयान में कहा गया, "हम तनाव को तत्काल कम करने तथा कूटनीतिक समाधान के लिए जारी वार्ताओं को शीघ्र निष्कर्ष तक पहुँचाने की अपनी अपील दोहराते हैं, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता लौट सके। क्षेत्र में और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना बंद होना चाहिए, तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में स्वतंत्र और फ्री शिपिंग एवं व्यापार को जल्दी से जल्दी बहाल किया जाना चाहिए।"
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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