ईरान ने फिर होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद करने की धमकी दी, तेल आपूर्ति पर गंभीर खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का अहम रास्ता है, जहां से रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। अगर ईरान ने इसे ब्लॉक कर दिया तो वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आएगा, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ेगा।

ईरान ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने न केवल होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने का फैसला किया है, बल्कि बाब अल-मंदेब स्ट्रेट समेत अन्य मोर्चों को भी सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है। यह कदम इजरायल के लेबनान में जारी आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब में उठाया जा रहा है। ईरान ने लेबनान में संघर्षविराम की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत भी तुरंत रोक दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जब तक इजरायल गाजा और लेबनान से अपनी सेना वापस नहीं बुलाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।
ईरान के मुताबिक, प्रतिरोध मोर्चे ने इजरायल और उसके समर्थकों को सजा देने के लिए होर्मुज को पूरी तरह बंद करने और अन्य मोर्चों को खोलने का फैसला किया है। लेबनान में इजरायली सेना 26 साल बाद सबसे गहरी घुसपैठ कर चुकी है और बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमले तेज कर दिए हैं। इसके जवाब में हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे हैं। ईरान इसे 'जियोनी अपराधों' का जवाब मान रहा है और कह रहा है कि अब नया मोर्चा खुलने वाला है। इस स्थिति ने पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप का बयान और अमेरिका की प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें इस फैसले की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। ट्रंप ने ईरान को बेहतर बातचीत करने वाला लेकिन कमजोर लड़ाकू बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बयान बमबारी शुरू करने का मतलब नहीं है, लेकिन अमेरिका होर्मुज में नाकाबंदी बनाए रखेगा। ट्रंप का यह बयान संकेत देता है कि अमेरिका फिलहाल सीधे सैन्य टकराव से बचना चाहता है, लेकिन क्षेत्र में तनाव कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
वैश्विक प्रभाव और तेल बाजार पर असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के तेल व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण रास्ता है, जहां से रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। अगर ईरान ने इसे ब्लॉक कर दिया तो वैश्विक तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयातक देशों पर पड़ेगा। भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरतें खाड़ी देशों से पूरा करता है। इस संकट से न केवल ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित होगी, बल्कि मुद्रास्फीति भी बढ़ सकती है। फिलहाल स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है और आगे के घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर है।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
और पढ़ेंलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


