'ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे कभी नहीं भूलोगे', मोजतबा खामेनेई की डोनाल्ड ट्रंप को खुली धमकी

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अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य ठिकानों और अहम ढांचों पर हमले हुए हैं, जिससे संघर्ष और तेज हो गया है। संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र अब होर्मुज स्ट्रेट बन गया है, जो दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है।

Iran supreme leader Mojtaba Khamenei warned unforgettable lessons America Donald Trump

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो उसे ऐसे सबक मिलेंगे, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएगा। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर को बेकार और अमान्य बताया। ईरान समर्थित समूहों के गठबंधन एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस का जिक्र करते हुए सुप्रीम लीडर ने कहा, ‘केवल ईरान ही नहीं, बल्कि उसके सहयोगी भी जवाब देने में सक्षम हैं।’

पश्चिम एशिया में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुए नए तनाव के दौर के बाद यह पहली बार था, जब मोजतबा ने ईरानी जनता को संबोधित किया। उन्होंने ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में शामिल होने के लिए लोगों की सराहना की। मोजतबा ने कहा कि इस अभूतपूर्व जनभागीदारी ने ईरान की इस्लामी-ईरानी पहचान और देश के दृढ़ संकल्प को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है। साथ ही उन्होंने साफ किया कि तेहरान अपने रुख पर मजबूती से कायम रहेगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने लगभग एक महीने पहले हुए अंतरिम समझौते को रद्द करने की घोषणा कर दी है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टेलीविजन से कहा कि अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया है, इसलिए तेहरान अब उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा।

सैन्य ठिकानों पर तेज हुए हमले

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य ठिकानों और अहम ढांचों पर हमले हुए हैं, जिससे संघर्ष और तेज हो गया है। संघर्ष का सबसे बड़ा केंद्र अब होर्मुज स्ट्रेट बन गया है, जो दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने लगातार 7वीं रात ईरान के निगरानी केंद्रों, सैन्य रसद ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि अमेरिकी हमलों में पिछले तीन सप्ताह के दौरान कम से कम 50 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अमेरिका ने भी स्वीकार किया कि उसके कई सैनिक हाल के हमलों में घायल हुए हैं।

शनिवार को ईरानी हमलों से सबसे अधिक नुकसान कुवैत में हुआ। वहां एक ऑयल फैसिलिटी और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले संयंत्र पर हमले हुए, जिससे कई लोग घायल हो गए और आग लग गई। बिजली उत्पादन की कई इकाइयां भी बंद करनी पड़ीं। लगातार दूसरे दिन जल शोधन संयंत्र पर हमले से कुवैत की पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई, क्योंकि देश अपनी जरूरत का अधिकांश पीने का पानी ऐसे संयंत्रों से प्राप्त करता है। मिसाइल खतरे के कारण कुवैत ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और कई उड़ानों का समय बदलना पड़ा।

इराक ने अपने ऊपर आए ड्रोन मार गिराने का दावा किया। जॉर्डन और बहरीन ने भी ईरानी मिसाइलों के खिलाफ अपनी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय की। खाड़ी सहयोग परिषद ने नागरिक सुविधाओं पर हमलों को युद्ध अपराध बताया। उधर, अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत के बिजली और जल शोधन संयंत्रों को नुकसान पहुंचा। बोनजी जल शोधन संयंत्र पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे लगभग 10 हजार लोगों की जलापूर्ति प्रभावित हुई। क़ेश्म द्वीप के एक अन्य संयंत्र को भी क्षति पहुंची, जबकि बंदर अब्बास जाने वाले प्रमुख मार्ग पर पुल और सुरंगें भी क्षतिग्रस्त हुईं।

Niteesh Kumar

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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