जिहाद ही है रास्ता… हिजबुल्लाह से बोले ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, US को भी संदेश
ईरान के सुप्रीम लीडर ने हिजबुल्लाह की जमकर तारीफ की। उन्होंने समूह को इजरायल के खिलाफ मोर्चे पर डटा एक चट्टान करार दिया। खामेनेई ने हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख सैयद हसन नसरल्लाह और दूसरे कमांडरों को श्रद्धांजलि भी दी।
पश्चिम एशिया में बीते कई महीनों से बढ़े तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने लेबनान स्थित हिजबुल्लाह को लेकर बड़ा बयान दिया है। मोजतबा ने एक संदेश जारी कर ना सिर्फ हिजबुल्लाह की जमकर तारीफ की, बल्कि अमेरिका को साफ शब्दों में संदेश दे दिया है कि लेबनान में इजरायली हमलों को रोके बिना कोई भी युद्धविराम समझौता नहीं हो सकता। इस दौरान इजरायल के हमलों में मारे गए हिजबुल्लाह के कमांडरों को याद करते हुए खामेनेई ने यह बताने की कोशिश भी की कि ईरान अपने साथी के साथ मजबूती से खड़ा है।
बता दें कि हिजबुल्लाह ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ यानी प्रतिरोध की धुरी का एक प्रमुख हिस्सा है। एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस ईरान और उसके साथी संगठनों का एक मजबूत नेटवर्क है। इसे पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजराइल से मुकाबला करने के लिए बनाया गया है। ईरान गुट के सदस्यों को पैसा, हथियार और ट्रेनिंग देता है और ये समूह ईरान के लिए जान न्योछावर करने को तैयार रहते हैं। लेबनान में हिजबुल्लाह, यमन के हुती विद्रोही, और इराक के कुछ लड़ाका समूह 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ का हिस्सा हैं।
क्या बोले मोजतबा खामेनेई?
ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह की भूमिका को जमकर सराहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि इजरायल के खिलाफ जंग में जिहाद और प्रतिरोध के अलावा अब आगे कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि ईरान, हिजबुल्लाह के लड़ाकों की सुरक्षा और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा को अपना दायित्व मानता है। इससे पहले हिजबुल्लाह चीफ शेख नइम कासिम ने मोजतबा खामेनेई को एक वफादारी पत्र भेजा था। खामेनेई ने उसके जवाब में ही यह बातें कही हैं।
अपने संदेश में मोजतबा खामेनेई ने हिजबुल्लाह को इजराइल के खिलाफ मोर्चे पर डटा एक मजबूत चट्टान बताया। उन्होंने हिजबुल्लाह के पूर्व प्रमुख सैयद हसन नसरल्लाह और दूसरे कमांडरों को श्रद्धांजलि भी दी। उन्होंने कहा कि लड़ाकों के बलिदान ने हिजबुल्लाह को एक छोटे से पौधे"ल से बढ़ाकर एक विशाल पेड़ बना दिया है। उन्होंने दक्षिणी लेबनान के लोगों के धैर्य की भी तारीफ की।
अमेरिका को बता दी शर्त
ईरानी नेता ने जोर देकर कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए किसी भी समझौते में लेबनान के खिलाफ इजरायली हमलों को रोकना शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह रेजिस्टेंस ही अंत में जीत दिलाएगा। खामेनेई की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक अहम बैठक हुई है।
लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ औन ने वाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात के दौरान कहा है कि लेबनानी क्षेत्र से इजरायल की वापसी ही देश में स्थिरता ला पाएगी। दोनों नेताओं के बीच ईरान समर्थित हिजबुल्लाह को हथियार मुक्त करने, लेबनानी सेना को अमेरिकी सहायता देने और युद्ध के बाद लेबनान के पुनर्निर्माण पर भी चर्चा हुई है।


