ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का इंतजार होगा खत्म, 9 जुलाई को होंगे दफन, 28 फरवरी को हुई थी मौत
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 9 जुलाई को किया जाएगा। ईरानी मीडिया के मुताबिक खामेनेई के अंतिम संस्कार में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है। खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिकी हमले में हो गई थी।

ईरान पर करीब तीन दशक तक शासन करने वाले अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायली मिसाइल हमलों में जान गंवाने वाले पूर्व सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार कार्यक्रम चार 4 जुलाई से शुरू हो जाएगा। 6 और 7 जुलाई को ईरान के अलग-अलग शहरों (तेहरान, कोम, मशहद) में अंतिम संस्कार कार्यक्रम होंगे इसके बाद 9 जुलाई को समर्थकों की मौजूदगी के दौरान इमाम रेजा शरीन में भूतपूर्व सुप्रीम लीडर को दफन किया जाएगा।
ऐसा नहीं है कि ईरान सरकार ने अपने सुप्रीम लीडर को जानबूझकर इंतजार करवाया हो। लेकिन अमेरिका से जारी युद्ध के हालात के बीच लगातार उनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम टलता रहा। 1989 से लेकर 2026 तक ईरान का नेतृत्व करने वाले नेता की मौत 28 फरवरी को हो गई थी। अमेरिका और इजरायल के हमलों में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद एक पोता और अन्य ईरानी सैन्य अधिकारी भी मारे गए थे। 28 फरवरी की इस घटना के बाद 4 मार्च को उनके अंतिम संस्कार के आयोजन की योजना बनाई गई। लेकिन अंतिम संस्कार के मौके पर करोड़ों समर्थकों के जुटने की संभावना थी। अमेरिकी हमले की स्थिति में इतनी बड़ी संख्या में भीड़ जुटना ईरान के लिए सही नहीं था। इसलिए इस कार्यक्रम को टाल दिया गया।
मुहर्रम में दफनाने की थी योजना: ईरानी मीडिया
बता दें, इस्लामिक कानून के मुताबिक सामान्यतः मृतकों को 24 घंटे के भीतर ही दफनाया जाता है। लेकिन युद्ध की स्थिति में इसे और भी लंबा खींचा जा सकता है। शुरुआत में ईरान ने मृत्यु के तुरंत बाद ही इसको करने की कोशिश की लेकिन जब ऐसा नहीं हो पाया तो फिर मुहर्रम के महीने में इसे करने की योजना बनाई गई।
इरानी सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, ईरान सरकार शुरुआत में मुहर्मम के पहले तीन दिन में अंतिम संस्कार की योजना बना रहा था, जो कि जून महीने में पड़ता। लेकिन तेहरान के मेयर अलीरेजा जकानी के मुताबिक, मुहर्रम के शुरुआती दिनों में इमाम हुसैन के वार्षिक शोक के कार्यक्रम होते हैं। ऐसे में अंतिम संस्कार को दूसरे दस दिनों के लिए टाल दिया गया, जिससे यह 26 जून से 5 जुलाई के आसपास शुरू हो जाएगा। एक बार कार्यक्रम शुरू होने के बाद फिर से आराम से पूरा किया जा सकेगा।
हिज्बुल्लाह चीफ नसरल्लाह का भी देर से हुआ था अंतिम संस्कार
बता दें, यह पहली बार नहीं है, जब पश्चिम एशिया में इस तरह से अंतिम संस्कार को देरी से किया गया हो। इससे पहले हिजबुल्लाह प्रमुख नसरल्लाह का अंतिम संस्कार भी इजरायली हमले की डर की वजह से महीनों बाद किया गया था। पहले ही दिन इजरायली हमले में मारे गए नसरल्लाह के शव को रखा गया था। फिर जब इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच शांति समझौता हो गया, तो फिर सार्वजनिक तौर पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान भी हवा में इजरायली विमान उड़ते हुए देखे गए थे।
लेखक के बारे में
Upendra Thapakउपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।
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