
...तो ईरान में छिड़ने वाली है जंग? ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को ललकारा तो भड़क उठा रूस; क्या कहा
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रदर्शनकारियों को संदेश पर रूस भड़क उठा है। रूस ने अमेरिका सख्त चेतावनी दे डाली है। रूस ने कहा है कि ईरान पर नए सिरे से हमला करने की धमकी पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के प्रदर्शनकारियों को संदेश पर रूस भड़क उठा है। रूस ने अमेरिका सख्त चेतावनी दे डाली है। रूस ने कहा है कि ईरान पर नए सिरे से हमला करने की धमकी पूरी तरह से अस्वीकार्य है। साथ ही उसने अमेरिका को लताड़ लगाते हुए उसकी हरकतों को ईरान की अंदरूनी राजनीति में दखलअंदाजी बताया है। रूसी विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अमेरिका को पता होना चाहिए कि वर्तमान हालात मिडिल ईस्ट के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसके अलावा इसका असर अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
जून 2025 का जिक्र
रूस द्वारा जारी बयान में जून 2025 का भी जिक्र किया गया है। इसमें कहा गया है कि जो लोग जून 2025 की तरह बाहरी शक्तियों से प्रेरित अशांति का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। बयान में आगे कहा गया है कि ऐसा करने वालों को पता होना चाहिए कि इसका परिणाम क्या होगा। मध्य पूर्व के हालात और वैश्विक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका क्या असर होगा, यह जानना भी बेहद जरूरी होगा।
जून 2025 में क्या हुआ था
ईरान और इजरायल में जून 2025 में एक भीषण युद्ध हुआ था। यह युद्ध 12 दिनों तक चला था। इस दौरान इजरायल और अमेरिका ने ईरान को काफी नुकसान पहुंचाया था। युद्ध खत्म होने के बाद ईरान के हौसले बुलंद थे। लोगों में सुप्रीम लीडर खामेनेई की सत्ता के प्रति थोड़ा भरोसा बढ़ा था। लेकिन दिसंबर आते-आते ईरान की जनता अपनी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आई। फिलहाल ईरान विरोध-प्रदर्शनों की आग में झुलस रहा है। यह देख अमेरिका ने ईरान में सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ट्रंप ने कहा क्या था
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ बैठकें रद्द कर दी हैं और प्रदर्शनकारियों से कहा है कि मदद भेजी जा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को हालांकि यह विवरण नहीं दिया कि मदद का स्वरूप क्या है। ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर कम से कम 2,000 हो गई, क्योंकि अधिकारियों द्वारा दमनकारी कार्रवाई के दौरान संचार व्यवस्था ठप कर दिए जाने के बाद ईरानियों ने कई दिन में पहली बार विदेशों में फोन किया। ईरान में इस पैमाने पर हिंसा दशकों में नहीं देखी गयी है।

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Deepak Mishraलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




