ईरान की हवा जहरीली और आसमान काला, घरों में कैद लोग; इजरायल ने ऐसा क्या कर दिया

Mar 09, 2026 09:42 am ISTSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
share

तेहरान से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें दिखता है कि आसमान काला है। इसके अलावा सड़कों, इमारतों और वाहनों पर भी तेल के धब्बे ही दिख रहे हैं, जिन्हें साफ करना भी मुश्किल है। गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क लगाकर निकलें क्योंकि शहर की हवा प्रदूषित हो गई है और लोग बीमार हो सकते हैं।

ईरान की हवा जहरीली और आसमान काला, घरों में कैद लोग; इजरायल ने ऐसा क्या कर दिया

इजरायल की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इस बीच रविवार को उसने ईरान के तेल डिपो पर भी हमले किए हैं, जिसके कारण वहां की हवा खराब होने की भी शिकायतें हैं। हालात ऐसे हैं कि तेल डिपो पर हमले होने से इतना धुआं उठा कि आसमान काला हो गया है। इसके अलावा हवा में तेल के कण पाए जा रहे हैं। हवा एक तरह से जहरीली हो गई है और ईरान के लोगों को सलाह दी गई है कि मास्क लगाकर निकलें। तेहरान से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें दिखता है कि आसमान एकदम काला है। इसके अलावा सड़कों, इमारतों और वाहनों पर भी तेल के धब्बे ही दिख रहे हैं, जिन्हें साफ करना भी मुश्किल है।

शहर के गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क लगाकर निकलें क्योंकि शहर की हवा प्रदूषित हो गई है और लोग बीमार हो सकते हैं। ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि देश के कई ऑइल डिपो पर हमले हुए हैं। इनमें शहर के पूर्वोत्तर इलाके में स्थित अघदासेह ऑइल डिपो और शाहरान के ऑइल डिपो शामिल हैं। यही नहीं एक ऑइल रिफाइनरी भी इजरायल के हमले का निशाना बनी है। इजरायल की सेना ने भी पुष्टि की है कि उसने ईरान के तेल डिपो पर हमले किए हैं। उसका कहना है कि ये हमले इसलिए हुए हैं क्योंकि ईरानी सेना इनका इस्तेमाल कर रही थी। यहीं से ईरान की सेना से जुड़े लोगों को तेल सप्लाई हो रही थी।

ईरान की FARS न्यूज एजेंसी के अनुसार तेहरान में कुल 4 तेल डिपो और एक ऑइल ट्रांसफर सेंटर पर हमला हुआ है। इसके अलावा तेल टैंकरों के 4 चालक भी एक डिपो पर हमले के दौरान मारे गए हैं। इन तेल डिपो में हुए हमलों के चलते आग भड़क गई, जो घंटों तक जलती रही। इसी के चलते खूब धुआं उठा और आसमान काला नजर आ रहा है। आसपास की इमारतें और इलाके में काली परत जम गई है। हालात ऐसे हैं कि आसमान में तेल से निकला धुआं जम गया और अब वही पिघलकर नीचे गिर रहा है। तेहरान और उसके आसपास की आबादी 1 करोड़ के करीब है। इस तरह इन हमलों ने एक बड़ी आबादी के लिए संकट बढ़ा दिया है।

आसमान से टपक रहा तेल, लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा

ईरान की रेड क्रेसेंट सोसायटी का कहना है कि इन हमलों के चलते जो तेल की परत धुएं के रूप में आसमान में जम गई है। वह अब धीरे-धीरे नीचे आ रही है। इसके चलते खतरनाक कण हवा में घुल गए हैं और ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। यहां तक कि स्किन एलर्जी लोगों को हो रही है और उन्हें सांस लेने तक में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। तेहरान के लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।

लेबनान में भी हमले, मारे गए 394 लोग

इसके अलावा किसी जरूरी काम से निकलने पर मास्क लगाने को कहा गया है। बता दें कि इजरायल ने ईरान के अलावा लेबनान पर भी हमले किए हैं। इन हमलों में 394 लोग मारे गए हैं। इनमें 83 बच्चे भी शामिल हैं। यह हमले तब हो रहे हैं, जबकि लेबनान के साथ इजरायल ने नवंबर 2024 में ही सीजफायर कर लिया था।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash

दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली के रहने वाले सूर्यप्रकाश को पत्रकारिता जगत में करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। 10 वर्षों से ज्यादा समय से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं। लाइव हिन्दुस्तान के लिए राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय एवं राज्यों से संबंधित खबरों का संपादन करते हैं एवं डेस्क इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। समाचारों के त्वरित प्रकाशन से लेकर विस्तृत अध्ययन के साथ एक्सप्लेनर आदि में भी रुचि रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज प्रकाशित करने और खबरों के अंदर की खबर को विस्तार से समझाने में रुचि रखते हैं। हिंदी भाषा की डिजिटल पत्रकारिता के नए आयामों को समझते हैं और उसके अनुसार ही पाठकों को खबरें देने के लिए तत्परता रखते हैं।


अकादमिक योग्यता: एक तरफ डेढ़ दशक का सक्रिय पत्रकारिता करियर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ सूर्यप्रकाश अकादमिक अध्ययन में भी गहरी दिलचस्पी रखते रहे हैं। पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन और मास्टर्स की पढ़ाई के साथ ही 'हाइब्रिड वारफेयर में मीडिया के इस्तेमाल' जैसे महत्वपूर्ण एवं उभरते विषय पर पीएचडी शोध कार्य भी किया है। पत्रकारिता, समाज, साहित्य में रुचि के अलावा वारफेयर में मीडिया के प्रयोग पर भी गहरा अध्ययन किया है। इसी कारण डिफेंस स्टडीज जैसे गूढ़ विषय में भी वह रुचि रखते हैं। इस प्रकार सूर्यप्रकाश का एक लंबा पेशेवर अनुभव रहा है तो वहीं गहरी अकादमिक समझ भी रही है।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय महत्व के समाचारों में गहरी दिलचस्पी रखते हैं तो वहीं नैरेटिव वारफेयर के बारे में भी गहरा अध्ययन है। खबरों के अंदर की खबर क्या है और किसी भी समाचार के मायने क्या हैं? ऐसी जरूरी चीजों को पाठकों तक पहुंचाने में भी रुचि रखते हैं। लाइव हिन्दुस्तान में बीते 5 सालों से जुड़े हैं और गुणवत्तापूर्ण समाचार देने की मुहिम को बल प्रदान किया है। सूर्यप्रकाश को पाठकों की पसंद को समझने और उसके अनुसार समाचारों के प्रस्तुतिकरण में भी महारत हासिल है। कठिन विषयों को सरल शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने की रुचि है और इसी कारण एक्सप्लेनर आदि भी लिखते हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।