ईरान की हवा जहरीली और आसमान काला, घरों में कैद लोग; इजरायल ने ऐसा क्या कर दिया
तेहरान से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें दिखता है कि आसमान काला है। इसके अलावा सड़कों, इमारतों और वाहनों पर भी तेल के धब्बे ही दिख रहे हैं, जिन्हें साफ करना भी मुश्किल है। गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क लगाकर निकलें क्योंकि शहर की हवा प्रदूषित हो गई है और लोग बीमार हो सकते हैं।

इजरायल की ओर से ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इस बीच रविवार को उसने ईरान के तेल डिपो पर भी हमले किए हैं, जिसके कारण वहां की हवा खराब होने की भी शिकायतें हैं। हालात ऐसे हैं कि तेल डिपो पर हमले होने से इतना धुआं उठा कि आसमान काला हो गया है। इसके अलावा हवा में तेल के कण पाए जा रहे हैं। हवा एक तरह से जहरीली हो गई है और ईरान के लोगों को सलाह दी गई है कि मास्क लगाकर निकलें। तेहरान से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें दिखता है कि आसमान एकदम काला है। इसके अलावा सड़कों, इमारतों और वाहनों पर भी तेल के धब्बे ही दिख रहे हैं, जिन्हें साफ करना भी मुश्किल है।
शहर के गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे मास्क लगाकर निकलें क्योंकि शहर की हवा प्रदूषित हो गई है और लोग बीमार हो सकते हैं। ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि देश के कई ऑइल डिपो पर हमले हुए हैं। इनमें शहर के पूर्वोत्तर इलाके में स्थित अघदासेह ऑइल डिपो और शाहरान के ऑइल डिपो शामिल हैं। यही नहीं एक ऑइल रिफाइनरी भी इजरायल के हमले का निशाना बनी है। इजरायल की सेना ने भी पुष्टि की है कि उसने ईरान के तेल डिपो पर हमले किए हैं। उसका कहना है कि ये हमले इसलिए हुए हैं क्योंकि ईरानी सेना इनका इस्तेमाल कर रही थी। यहीं से ईरान की सेना से जुड़े लोगों को तेल सप्लाई हो रही थी।
ईरान की FARS न्यूज एजेंसी के अनुसार तेहरान में कुल 4 तेल डिपो और एक ऑइल ट्रांसफर सेंटर पर हमला हुआ है। इसके अलावा तेल टैंकरों के 4 चालक भी एक डिपो पर हमले के दौरान मारे गए हैं। इन तेल डिपो में हुए हमलों के चलते आग भड़क गई, जो घंटों तक जलती रही। इसी के चलते खूब धुआं उठा और आसमान काला नजर आ रहा है। आसपास की इमारतें और इलाके में काली परत जम गई है। हालात ऐसे हैं कि आसमान में तेल से निकला धुआं जम गया और अब वही पिघलकर नीचे गिर रहा है। तेहरान और उसके आसपास की आबादी 1 करोड़ के करीब है। इस तरह इन हमलों ने एक बड़ी आबादी के लिए संकट बढ़ा दिया है।
आसमान से टपक रहा तेल, लोगों को गंभीर बीमारियों का खतरा
ईरान की रेड क्रेसेंट सोसायटी का कहना है कि इन हमलों के चलते जो तेल की परत धुएं के रूप में आसमान में जम गई है। वह अब धीरे-धीरे नीचे आ रही है। इसके चलते खतरनाक कण हवा में घुल गए हैं और ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं। यहां तक कि स्किन एलर्जी लोगों को हो रही है और उन्हें सांस लेने तक में परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। तेहरान के लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।
लेबनान में भी हमले, मारे गए 394 लोग
इसके अलावा किसी जरूरी काम से निकलने पर मास्क लगाने को कहा गया है। बता दें कि इजरायल ने ईरान के अलावा लेबनान पर भी हमले किए हैं। इन हमलों में 394 लोग मारे गए हैं। इनमें 83 बच्चे भी शामिल हैं। यह हमले तब हो रहे हैं, जबकि लेबनान के साथ इजरायल ने नवंबर 2024 में ही सीजफायर कर लिया था।
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