ईरान ने अमेरिका को फिर भेजा शांति प्रस्ताव, डोनाल्ड ट्रंप ने देखते ही किया खारिज

Ankit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ईरान और अमेरिका के बीच स्थायी युद्धविराम का कोई रास्ता ही नहीं निकल रहा है। ईरान ने एक और शांति प्रस्ताव अमेरिका के पास भेजा था। इसमें यह भी शर्त थी कि होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता स्वीकार की जाए। ट्रंप ने इसे देखते हीखारिज कर दिया।

ईरान ने अमेरिका को फिर भेजा शांति प्रस्ताव, डोनाल्ड ट्रंप ने देखते ही किया खारिज

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की तमाम कोशिशें नाकाम ही होती नजर आ रही हैं। उधऱ होर्मुज बंद होने और अमेरिका की नाकेबंदी की वजह से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट गहराता हीचला जा रहा है। ईरान ने अमेरिका को एक और शांति का प्रस्ताव भेजा था लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने उसे स्वीकार करने से सीधे तौर पर इनकार करद या। रविवार को ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा था। इसके मुताबिक हर मोर्चे पर युद्धविराम करने की मांग की गई थी। खास तौर पर लेबनान में संघर्ष रोका जाना और होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही पर जोर दिया गया था।

क्या थीं ईरान की शर्तें

ईरान का कहना था कि युद्ध में जो उसे नुकसान हुआ है उसकी अमेरिका भरपाई करे और मुआवजा दे। इसके अलावा ईरान की शर्त थी कि अमेरिका अपने प्रतिबंध हटा ले और ईरान के तेल को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की पूरी छूट दी जाए। इस प्रस्ताव में कहा गया था कि होर्मुज पर ईरान की संप्रभुता को स्वीकार किया जाए। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस प्रस्ताव को तत्काल खारिज कर दिया।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ही साफ कर दिया है कि यह डील उनके लिए अस्वीकार्य है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में शामिल होने का मूल मकसद देश के अधिकारों को सुरक्षित करना और राष्ट्रीय हितों की मजबूती से रक्षा करना है। इसका अर्थ किसी के आगे आत्मसमर्पण करते हुए पीछे हटना नहीं है। गौरतलब है कि ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार पेजेश्कियन ने कहा कि ईरानी राष्ट्र 'दुश्मन के सामने कभी नहीं झुकेगा।'

अमेरिका ने भी दिया था शांति प्रस्ताव

वाशिंगटन और तेहरान के बीच जारी वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। मौजूदा तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले जहाजरानी तंत्र में व्यवधान उत्पन्न हुआ है और वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गए हैं। भारत के साथ पाकिस्तान के पिछले संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने रविवार को कहा: "फिलहाल, फील्ड मार्शल (आसिम मुनीर) ने मुझे सूचित किया है कि हमें ईरान का जवाब मिल गया है। मैं इससे अधिक विवरण नहीं दे सकता।"

इससे पहले, ईरानी मीडिया ने बताया था कि तेहरान ने अमेरिकी प्रस्ताव पर अपनी प्रतिक्रिया पाकिस्तान को सौंप दी थी, जिसे बाद में वाशिंगटन को भेज दिया गया था। अमेरिका और इजराइल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के परिणामस्वरूप युद्ध शुरू हुआ था। फिलहाल आठ अप्रैल से युद्धविराम जारी है।

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विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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