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‘अच्छी शुरुआत, लेकिन आगे...’ अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या बोला ईरान

‘अच्छी शुरुआत, लेकिन आगे...’ अमेरिका के साथ बातचीत पर क्या बोला ईरान

संक्षेप:

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि शुक्रवार को कई दौर की बैठकों के बाद अमेरिका के साथ बातचीत की अच्छी शुरुआत हुई है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की प्रगति दोनों देशों की राजधानियों में होने वाली चर्चाओं पर निर्भर करेगी।

Feb 06, 2026 09:10 pm ISTDeepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, मस्कट
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि शुक्रवार को कई दौर की बैठकों के बाद अमेरिका के साथ बातचीत की अच्छी शुरुआत हुई है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे की प्रगति दोनों देशों की राजधानियों में होने वाली चर्चाओं पर निर्भर करेगी। अराघची ने बताया कि आज कई दौर की बैठकें हुईं। हमारे विचार और चिंताएं बहुत सौहार्दपूर्ण माहौल में साझा की गईं। कुल मिलाकर, यह एक अच्छी शुरुआत थी, लेकिन इसकी निरंतरता राजधानियों में होने वाले विचार-विमर्श पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि अब हम ऐसे मोड़ पर हैं जहां आठ अशांत महीनों के बाद बातचीत फिर से शुरू हुई है। अराघची के अनुसार, पिछले साल के संघर्ष के बाद व्याप्त अविश्वास एक बड़ी बाधा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 12 दिनों के युद्ध के बाद जो अविश्वास पैदा हुआ, वह बातचीत के मार्ग में एक बड़ी चुनौती है।

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अविश्वास दूर करना होगा
अराघची ने जोर देकर कहा कि हमें सबसे पहले इस अविश्वास को दूर करना होगा और बातचीत के लिए एक ढांचा तय करना होगा। यदि यह प्रक्रिया और दूसरी तरफ का दृष्टिकोण सकारात्मक रहता है, तो हम बातचीत के एक निश्चित ढांचे तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगे की बातचीत दोनों पक्षों की इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगी। अराघची के अनुसार, ‘बातचीत का जारी रहना दूसरे पक्ष और निश्चित रूप से तेहरान में लिए जाने वाले फैसलों पर निर्भर करता है।’

अमेरिका की एडवाइजरी
इससे पहले अमेरिका ने ईरान में में रह रहे अपने नागरिकों को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर चेतावनी जारी की और उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी है। ईरान में अमेरिकी दूतावास की ओर से जारी परामर्श में कहा गया कि अमेरिकी नागरिक ईरान से प्रस्थान की ऐसी योजना बनाएं जो अमेरिकी सरकार की सहायता पर निर्भर न हो, क्योंकि सुरक्षा जोखिम, अशांति और अचानक यात्रा बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। यह चेतावनी ओमान में शुक्रवार को अमेरिका-ईरान वार्ता से ठीक पहले जारी की गई। दूतावास ने सड़क बंदी, सार्वजनिक परिवहन में व्यवधान, व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध और उड़ानों के रद्द होने जैसी संभावित सख्त सुरक्षा व्यवस्थाओं का उल्लेख किया।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में जहाजों का बेड़ा तैनात करने की घोषणा की थी, जिसमें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन और उसके एस्कॉर्ट जहाज शामिल हैं। ये पोत जनवरी के अंत से क्षेत्र में मौजूद हैं। ओमान के विदेश मंत्रालय ने यहां बताया कि जब मस्कट में ईरान के परमाणु मामले पर बातचीत हो रही थी, तब ओमानी विदेश मंत्री ने ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। मंत्रालय ने बताया कि मंत्री सैय्यद बदर अलबुसैदी ने अब्बास अराघची के नेतृत्व वाले ईरानी प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिनके साथ जेरेड कुशनर भी थे।

मंत्रालय ने आगे कहा कि इन बातचीत का ध्यान राजनयिक और तकनीकी बातचीत फिर से शुरू करने के लिए माहौल बनाने और सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बातचीत का समर्थन करने पर था। इसके साथ ही ओमान की मध्यस्थ की भूमिका की भी पुष्टि की गई। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने बुधवार को बताया था कि बातचीत में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अराघची और अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे।

ईरानी पक्ष का किस बात पर जोर
ईरानी पक्ष ने जोर दिया है कि बातचीत केवल परमाणु मुद्दों और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने तक सीमित होनी चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को वॉशिंगटन में किसी भी ‘सार्थक’ बातचीत के लिए एक व्यापक एजेंडा बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि तेहरान की बैलिस्टिक मिसाइलों, परमाणु कार्यक्रम, ‘आतंकवादी संगठनों’ को क्षेत्रीय समर्थन और अपने लोगों के साथ उसके व्यवहार को शामिल किया जाना चाहिए। इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने देश के विदेश मंत्रालय को अमेरिका के साथ ‘निष्पक्ष और न्यायसंगत बातचीत’ करने का आदेश दिया है।

शनिवार को, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद इस्लामी ने ईरानी मीडिया को बताया कि देश का परमाणु कार्यक्रम, प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग पर आधारित है। पिछले साल ईरान और अमेरिका ने ओमान की मध्यस्थता में पांच दौर की अप्रत्यक्ष बातचीत की थी। जून में इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद ये प्रयास विफल हो गए, जिससे 12-दिवसीय संघर्ष शुरू हो गया, जिसके दौरान अमेरिका ने ईरान के प्रमुख परमाणु स्थलों पर बमबारी की।

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लेखक के बारे में

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दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 17 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और मोबाइल वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट के साथ काम करते हुए कई वीडियो स्टोरीज पर काम किया। इसी दौरान आईपीएल पर पॉडकास्ट के साथ एक अन्य पॉडकास्ट ‘शहर का किस्सा’ भी कर चुके हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत हुई। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया है। आई नेक्स्ट की डिजिटल विंग में काम करते हुए कई नए और रोचक प्रयोग किए। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें

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