
प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाएगा ईरान, ट्रंप की धमकियों का भी नहीं असर
इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान ने अगर प्रदर्शन कर रहे लोगों को मौत की सजा दी तो अमेरिका इस पर सख्त कार्रवाई करेगा। हालांकि ईरान ने हिरासत में लिए गए लोगों के लिए त्वरित सुनवाई और फांसी के संकेत दिए हैं।
ईरान में जारी देशव्यापी प्रदर्शनों के बीच खामेनेई शासन ने प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने का फैसला कर लिया है। ट्रंप की धमकियों को नजरअंदाज करते हुए ईरान की न्यायपालिका ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिरासत में लिए गए लोगों के लिए जल्द से जल्द सुनवाई और फांसी के संकेत दिए हैं। इससे पहले ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने इस तरह का कोई भी कदम उठाया तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
ईरान के न्यायपालिका के प्रमुख गुलाम हुसैन मोहसेनी-एजेई ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि ईरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जल्द से जल्द एक्शन लेगा। उन्होंने एक बयान में कहा, "अगर हमें कोई काम करना है, तो हमें उसे अभी करना चाहिए। अगर देर हो जाती है, दो महीने, तीन महीने बाद, तो उसका वैसा असर नहीं होता। अगर हमें कुछ करना है, तो हमें उसे तेजी से करना होगा।” उनके इस बयान को ट्रंप के लिए एक सीधी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने चेतावनी दी है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की गई तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप ने मंगलवार को CBS को दिए एक इंटरव्यू में कहा, "हम बहुत कड़ी कार्रवाई करेंगे। अगर वे ऐसा कुछ भी करते हैं, तो सख्त कार्रवाई करेंगे।"
इरफान सुल्तानी को सरेआम मौत की सजा
इससे पहले प्रदर्शनों के सिलसिले में हुई सामूहिक गिरफ्तारियों के बाद बुधवार को ईरान 26 साल के इरफान सुल्तानी को सरेआम मौत की सजा दे सकता है। जानकारी के मुताबिक इरफान को 8 जनवरी को तेहरान के पास करज में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। नॉर्वे स्थित NGO ईरान ह्यूमन राइट्स ने बताया है उनके परिवार को बताया गया था कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है और यह सजा 14 जनवरी को दी जाएगी।
कई मानवाधिकार समूहों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द ही फांसी दी जा सकती है। अमेरिकी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पहले ही कम से कम 2000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

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Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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