ईरान जल रहा... खामेनेई के खिलाफ बगावत पर पहली फांसी, 26 साल के युवक को सजा-ए-मौत
लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नौफल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर सोलतानी के बारे में पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि यह फांसी कई में से पहली हो सकती है, और आरोप लगाया कि अधिकारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डर का सहारा ले रहे हैं।

ईरान इस वक्त जल रहा है। खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों के बीच हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ईरानी अधिकारी देशव्यापी अयातुल्लाह अली खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों से जुड़े पहले फांसी के मामले की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 26 वर्षीय इरफान सोलतानी को 8 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था और उसे फांसी की सजा सुनाई गई है। बताया गया कि ईरान में फैले खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोप में पकड़ा गया था। इरफान सोलतानी तेहरान के कराज उपनगर फरदिस के रहने वाला है और 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार समूह हेंगाव और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सजा बुधवार को अमल में लाई जा सकती है।
पहले भी किया जा चुका है फांसी का इस्तेमाल
गौरतलब है कि ईरान ने पहले भी असहमति को कुचलने के लिए फांसी का इस्तेमाल किया है, लेकिन वे ज्यादातर गोली मारकर हत्या के रूप में हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सोलतानी को फांसी दी जाएगी, जो मौजूदा विरोध प्रदर्शनों में पहली बार होगा। इजरायल और अमेरिका स्थित न्यूज आउटलेट जेफीड (JFeed) ने बताया कि सोलतानी का मामला आगे प्रदर्शनों को रोकने के लिए तेजी से फांसी की एक श्रृंखला की शुरुआत हो सकता है।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डर का सहारा ले रहे अधिकारी
लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई उद्यमी मारियो नौफल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर सोलतानी के बारे में पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि यह फांसी कई में से पहली हो सकती है, और आरोप लगाया कि अधिकारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए डर का सहारा ले रहे हैं। गिरफ्तारी के बाद से सोलतानी को कथित तौर पर बुनियादी कानूनी अधिकारों से वंचित रखा गया है, जिसमें वकील से सलाह लेने और अपना बचाव पेश करने का मौका शामिल है। उनके परिवार को भी मामले के महत्वपूर्ण विवरणों की जानकारी नहीं दी गई, जिसमें गिरफ्तार करने वाले अधिकारी की पहचान भी शामिल है। इस दौरान नौफल ने यह भी दावा किया कि खामेनेई विरोधी प्रदर्शनों में अब तक 2000 लोग मारे जा चुके हैं।
परिवार को 11 जनवरी को मिली जानकारी
वहीं, जेफीड ने हेंगाव के हवाले से बताया कि सोलतानी के परिवार को 11 जनवरी को सूचित किया गया था कि उन्हें मौत की सजा सुनाई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, सजा की जानकारी मिलने के बाद परिवार को उनसे सिर्फ 10 मिनट की संक्षिप्त मुलाकात की इजाजत दी गई। परिवार के एक करीबी सूत्र ने हेंगाव को बताया कि अधिकारियों ने कहा है कि सजा अंतिम है और तय समय पर अमल में लाई जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, सोलतानी की बहन ( लाइसेंस प्राप्त वकील) ने कानूनी तरीके से मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। लेकिन उन्हें अब तक केस फाइल तक पहुंच नहीं दी गई है और न ही सोलतानी का प्रतिनिधित्व करने या सजा को चुनौती देने की अनुमति मिली है।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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