US को लगता था कि 24 घंटे में ईरान की सरकार गिरा देगा, मसूद पेजेश्कियन ने डोनाल्ड ट्रंप को खूब सुनाया

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ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन के मुताबिक, हमलों के बाद ईरान के लोग और ज्यादा मजबूती से एकजुट हो गए। यहां तक कि सरकार से पहले नाराज चल रहे लोगों ने भी देश की जमीन और उसकी एकता की रक्षा के लिए सरकार का साथ दिया।

Iran President Masoud Pezeshkian says America thought it could pull Venezuela in Iran
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार को लेकर बड़ा टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, 'यूएस को लगा था कि वह महज 24 घंटे में ईरान की सरकार गिराकर अपनी पसंद की गवर्नमेंट बना देगा, लेकिन उसका यह प्लान पूरी तरह नाकाम हो गया।' पेजेश्कियन ने इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ने ईरान की ताकत और वहां के लोगों के हौसले को कम आंका था। US को उम्मीद थी कि देश के नेताओं, सैन्य कमांडरों और अहम ठिकानों पर हमले के बाद लोग चुप हो जाएंगे और सरकार के खिलाफ खड़े हो जाएंगे। लेकिन इसका उलटा हुआ। हमलों के बाद बड़ी संख्या में लोग सरकार और देश की एकता के समर्थन में सड़कों पर उतर आए।

मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के मामले में वेनेजुएला जैसा रास्ता अपनाने की कोशिश की। उसे लगा कि 24 घंटे के भीतर देश पर काबू पाकर अपनी पसंद की सरकार बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सीरिया जैसी स्थिति पैदा होने की भी उम्मीद की थी। उसका अनुमान था कि ईरान के सुप्रीम लीडर, सैन्य कमांडरों और बड़े अधिकारियों की मौत के बाद सरकार कमजोर पड़ जाएगी और कुछ ही दिनों में सत्ता बदल जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

संघर्ष ने एकता को और मजबूत किया: पेजेश्कियन

ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, हमलों के बाद ईरान के लोग और ज्यादा मजबूती से एकजुट हो गए। यहां तक कि सरकार से पहले नाराज चल रहे लोगों ने भी देश की जमीन और उसकी एकता की रक्षा के लिए सरकार का साथ दिया। पेजेश्कियन ने कहा कि इस संघर्ष ने देश के अंदर एकता को और मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि विदेश में रहने वाले कुछ ईरानी भी हमलों के बाद वापस अपने देश लौट आए। ईरान की सरकार, सेना और जनता ने मिलकर अमेरिका के दबाव का सामना किया।

मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका ने पहले सैन्य ताकत के जरिए सरकार गिराने की कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रहा। इसके बाद उसने ईरान के अहम ढांचे को निशाना बनाया, फिर भी उसे सफलता नहीं मिली। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान ने अत्याधुनिक सैन्य तकनीक के सामने भी मुकाबला जारी रखा। किसी देश की ताकत का अंदाजा केवल हथियारों और सैन्य तकनीक से नहीं लगाया जा सकता। पेजेश्कियन ने अमेरिका पर ईरान में सामान, खाना और दवाइयों की आवाजाही रोकने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका समुद्री रास्तों को रोक रहा है और जमीन के रास्ते भी बंद करने की कोशिश कर रहा है।

Niteesh Kumar

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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